लुधियानाः वृंदावन नाव हादसे में दुगरी की मीनू बंसल का शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इस घटना में बेटी लापता थी, जिसे ढूंढने के लिए परिजनों द्वारा अपील की जा रही थी। वहीं घटना में बेटी का भी शव बरामद हो गया। जिसके बाद आज सुबह बेटी डिक्कीका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और नम आंखों से अंतिम विदाई दी । इस दौरान रिश्तेदारों व अन्य लोगों ने परिजनों से शोक संवेदना प्रकट की। गौरतलब है कि दुगरी की मीनू बंसल की बेटी डिकी बंसल दोनों वृंदावन गए थे। वहां यमुना नदी पार कर मंदिर में माथा टेकने के दौरान जब वह नाव में बैठे तो यमुना में अचानक नाव पलट गई।
इस वजह से लुधियाना के कई श्रद्धालु उसमें डूब गए। जिसमें मीनू बंसल व उनकी बेटी डिक्की बंसल भी थी। मीनू बंसल का शव दो दिन पहले मिल गया था। और उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया था लेकिन उनकी बेटी डिकी बंसल का शव नहीं मिला था वह शुक्रवार को मिला। इसके बाद परिवार वृंदावन गया और शव को लेकर आया। आज सोमवार को सुबह डिकी बंसल का अंतिम संस्कार किया गया है । बंसल 22 वर्षी की थी और वह अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। इस तरह से उनके निधन से परिवार शोक में है।
चश्मदीद विजय कुमार ने कहा कि वृंदावन में नाव हादसे में अपनों को खो चुके और खुद उसी नाव में सवार थे। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को यह हादसा हुआ। इसमें 13 लोगों की मौत हुई, 3 की तलाश जारी है। विजय ने हादसे के आखिरी 7 मिनट का मंजर बताया। विजय ने कहा कि नाव में कीर्तन के कारण काफी लोग आ गए थे। विजय ने कहा कि जब हमारी नाव नए निर्माणाधीन पुल के नजदीक पहुंची तो वहां लगे लोहे के डैम को क्रेन ने खींच लिया।
इतने में तेज हवा आई और नाव पिलर की तरफ गई। इसी दौरान रस्सी फंसने से पिलर से टकराकर नाव पलट गई। विजय ने कहा कि जैसे ही सभी लोग पानी में गिरे तो चिल्लाने लगे। मैं, बेटा और कुछ अन्य लोग जो तैरना जानते थे, वह पानी में छटपटाते रहे। बेटा मधुर अपनी मां को बचाने के लिए लड़ता रहा, लेकिन उसे बचाते-बचाते खुद ही डूब गया। हम उसे बाहर तो निकाल लाए, लेकिन उसे बचा नहीं सके।
