पटियालाः पंचायत विभाग द्वारा जिला के विभिन्न गांव की पंचायती बोली कराने के दौरान नियमों का उलंघन व बोली के पैसे बैंक में जमा न कराने पर पंचायत विभाग की ओर से एक्शन लिया गया। इस मामले में विभाग की ओर से कार्रवाई करते हुए जिला के 17 पंचायत सैकेटरियों (सचिव) को सस्पेंड कर दिया गया है। विभाग के निर्देशों के बाद पंचायत सैक्रेटरियों में हलचल पैदा हो गई है। दरअसल, विभागीय अनुसार जिस पंचायत के पास 100 किल्ला से अधिक पंचायती जमीन होती है, की बोली विभाग के डीडीपीओ की अगुवाई में की जाती है। विभाग द्वारा जब पंचायत सैक्रेटरियों से पंचायती बोली कराने का रिकॉर्ड मांगा गया तो कुछ सैक्रेटरियों ने रिकॉर्ड दिखा दिया और कुछ ने यह कहा कि पुराने डीडीपीओ की अगुवाई में पंचायती जमीन की बोली कराई गई है, लेकिन विभाग ने जब उसका रिकॉर्ड मांगा और बोली के पैसे बैंक में जमा कराए है या नहीं, का रिकॉर्ड सैक्रेटरियों को देने के लिए कहा तो जिला के 17 पंचायत सैक्रेटरियों ने विभाग को रिकॉर्ड मुहैया नहीं कराया।
जिसके बाद डीडीपीओ मोहिंदरजीत सिंह द्वारा इन सैक्रेटरियों के नाम की लिस्ट बनाकर पंचायत विभाग के डायरेक्टर को भेजी गई। जिसके बाद डायरेक्टर द्वारा इन सैक्रेटरियों को सस्पेंड करने के निर्देश जारी किए गए। डीडीपीओ मोहिंदरजीत सिंह ने कहा कि 100 किल्ला से ज्यादा जमीन की बोली डीडीपीओ की अगुवाई में होती है। सैक्रेटरियों का कहना था कि उन्होंने पूराने डीडीपीओ की अगुवाई में जमीन की बोली कराई। सैक्रेटरियों से पंचायती जमीन की बोली कराने व बोली के पैसे बैंक में जमा कराने का रिकॉर्ड मांगा गया। इस बारे में कई बार सैक्रेटरियों को पत्र भी भेजे गए। कुछ ने रिकॉर्ड जमा कराया तो यह 17 सैक्रेटरी ऐसे थे, जिन्होंने बार-बार कहने पर भी रिकॉर्ड जमा नहीं कराया।
डीडीपीओ ने कहा कि आशंका यह भी जताई जा रही है कि कई सैक्रेटरियों ने बोली के पैसे भी बैंक में जमा नहीं कराए। सभी 17 सैक्रेटरियों की रिपोर्ट बनाकर विभाग के डायरेक्टर को भेजी गई। डायरेक्टर द्वारा इन 17 पंचायत सैक्रेटरियों को सस्पेंड किया गया। अब नए नियुक्त किए जाने वाले पंचायत सैक्रेटरियों से रिकॉर्ड तलब किया जाएगा। जिसके बाद खुलासा होगा कि पंचायती जमीन की बोली कैसे कराई गई और कितने पैसे का हेरफेर किया गया। सस्पेंड किए पंचायत सैक्रेटरियों में नाभा से सुखविंदर सिंह लाली के अलावा भूपिंदर सिंह, पटियाला से सुखविंदर सिंह के अलावा अकाशदीप सिंह, पवन कुमार,समाना से हरपिंदर सिंह, रजिंदर कुमार, बलजिंदर सिंह के अलावा पुष्पिंदर सिंह, पटियाला देहाती से भूपिंदर सिंह, पातड़ां से जरनैल सिंह, गुरप्रीत सिंह और डिंपल, मनमिंदर सिंह, कुलदीप सिंह, सनौर से गुरदर्शन सिंह और भूनरहेड़ी से गुरजीत सिंह के नाम शामिल है।

