पटियालाः ज़िले में हल्का घनौर के गांव मंडौली के आसपास भाखड़ा की निर्वाणा ब्रांच नहर में एक ही परिवार के 5 लोगों ने छलांग लगा दी। इस दौरान हालांकि दोनों पति-पत्नी को स्थानीय लोगों ने बचा लिया, लेकिन 3 बच्चों की मौत हो गई, जिनके शव गोताखोरों ने किलोमीटर दूर से निकाल लीं। मृतकों में एकम (13), राजवीर कौर (11) और मुस्कान (7) शामिल हैं, जबकि माता-पिता की पहचान हरप्रभजोत सिंह (40) और जसविंदर कौर (38) के रूप में हुई है। यह परिवार मोहाली जिले के सोहाना थाना के अंतर्गत मोजपुर गांव का निवासी है। हालांकि मामले की पूरी जांच अभी बाकी है, लेकिन परिवार का कहना है कि उन्होंने यह कदम अपने माता-पिता से तंग आकर उठाया है।
जानकारी के अनुसार सुरक्षा गार्द के रूप में काम करता हरप्रभजोत सिंह अपनी पत्नी और तीनों बच्चों के साथ मोटरसाइकिल से हल्का घनौर के थाना के खेड़ी गंडिया के आसपास बने गांव मंडौली पहुंचा और इस गांव के पास से चली भाखड़ा की निर्वाणा ब्रांच नहर की पटरी का रास्ता लेकर आगे जाकर मोटरसाइकिल रोक ली। कहा जा रहा है कि वह घर से ही इस सहमति से आए थे कि वह नहर में छलांग मार कर खुदकुशी करेंगे। गोता खोरों के अनुसार दोनों लड़कियों ने तो आसानी से छलांग मार दी, लेकिन लड़का एकम मोटरसाइकिल से गिर गया तो पिता ने उसका हाथ मोटरसाइकिल से छुड़ा कर पत्नी सहित मिलकर नहर में छलांग लगा दी।
यह देखकर जब एक व्यक्ति ने शोर मचाया तो अन्य लोग भी दौड़कर नहर की तरफ आ गए और उन्होंने परिवार को बाहर निकाल लिया। इस दौरान बच्चे नहर में डूब गए और उनकी मौत हो गई। थाना खेड़ी गंडिया के एसएचओ जरनैल भुल्लर ने बताया कि हरप्रभजोत सिंह के ब्यानों पर उसके माता-पिता खिलाफ खुदकुशी के मजबूर करने का केस दर्ज किया जा रहा है। मंडौली के आसपास परिवार द्वारा नहर में छलांग मारने से तीन बच्चों की मौत से गांव मोजपुर उदास है। गांव वासियों के अनुसार हरप्रभजोत सिंह और उसकी पत्नी जसविंदर कौर 8 बजे मोटरसाइकिल पर तीनों बच्चों को लेकर घर से गए थे।
किसी को भी यह याद भी नहीं था कि वह लगभग डेढ़ घंटे बाद साढ़े नौ बजे अपने बच्चों सहित नहर में कूद जाएंगे। बिस्तर पर पड़े बच्चों के बुजुर्ग दादा सवरण सिंह और दादी गरमेल कौर का कहना है कि उनका परिवार समाप्त हो गया है। नहर में छलांग मारने वाले हरप्रभजोत सिंह से बात की तो उन्होंने सारा दोष माता-पिता पर ही मढ़ दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। मोहल्ला वासियों ने बताया कि सभी बच्चे पढ़ाई में होशियार थे। तीनों बच्चों का सोमवार को पोस्टमार्टम होने के बाद एक साथ संस्कार करने की संभावना है।
