अमृतसरः पंजाब में अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम मजीठिया पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। देहात पुलिस की ओर से मजीठिया को पकड़ने के लिए 12 टीमें गठित की हैं। अमृतसर के अलावा चंडीगढ़ में भी मजीठिया की तलाश की जा रही है। वहीं आज मजीठिया के घर के बाहर पहुंची। पुलिस अफसरों के मुताबिक अमृतसर में ग्रीन एवेन्यू, चंडीगढ़ में MLA हॉस्टल के अलावा 6 और ठिकानों पर तलाश की जा रही है। इस मामले को लेकर देहात के एसएसपी सोहिल मीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मजीठा थाना हमले के मामले में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि 30 मई 2026 को दर्ज एक केस के तहत मजीठा पुलिस ने जौबनप्रीत सिंह निवासी स्वैया कलाँ को गिरफ्तार किया था।
आरोपी पुलिस की कानूनी हिरासत में था और उससे पूछताछ की जा रही थी। एसएसपी के अनुसार 31 मई की सुबह करीब 11:30 बजे थाना के बाहर एक बड़ा हुजूम इकट्ठा हो गया, जिसने पुलिस कर्मचारियों को धक्का देकर ज़बरदस्ती थाने के अंदर दाख़िल होने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह पहले से रची गई साज़िश थी, जिसका मकसद पुलिस हिरासत में मौजूद आरोपी को छुड़ाना था। इस दौरान पूर्व विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया भी मौके पर मौजूद थे।पुलिस के मुताबिक हुजूम ने थाने के विभिन्न कमरों में प्रवेश करके तलाशी ली, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया और केस से जुड़े दस्तावेजों के साथ भी छेड़छाड़ की।
जब SHO और DSP मजीठा मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई और सरकारी कामकाज में बाधा डालने की कोशिश की गई। SHO का मोबाइल फोन छीनने का भी प्रयास किया गया। सोहिल मीर ने बताया कि पुलिस कर्मचारियों ने हिम्मत और सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी को फिर से काबू में कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीमें गठित की हैं। अब तक 6 से 7 व्यक्तियों की पहचान की जा चुकी है और कई जगहों पर छापेमारी जारी है। SSP ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और मामले में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

