चंडीगढ़ः पंजाब विधानसभा के जारी सत्र में आज कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कई बड़े ऐलान किए, जिनका सीधा संबंध धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द से है जिसमें सबसे बड़ा प्रस्ताव जागृत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कारपूर्णा अमेंडमेंट बिल-2026 था। इस बिल को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है।
इसी के साथ मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि पालकी साहिब से जुड़े वाहनों पर लगने वाला टैक्स पूरी तरह माफ किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला सिर्फ एक धर्म तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी धर्मों से जुड़े धार्मिक वाहनों को टैक्स फ्री करने का निर्णय लिया गया है, ताकि समानता और भाईचारे को बढ़ावा मिल सके। सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को फख्र-ए-कौम की उपाधि दिए जाने को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रकाश सिंह बादल को फख्र-ए-कौम क्यों दिया गया।
विधानसभा में Guru Granth Sahib को “जीवित गुरु” का दर्जा दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आस्था का विषय है और इसके सम्मान को बनाए रखने के लिए पहले जो कानूनी कमी थी, उसे अब दूर किया जा रहा है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि वह खुशकिस्मत हैं कि उन्हें इस सेवा को करने का मौका मिला है।
सीएम मान ने यह भी कहा कि अब तक बेअदबी जैसे गंभीर मामलों पर सख्त और स्पष्ट कानून की कमी थी, लेकिन अब सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी। प्रस्ताव के अनुसार, धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वालों के लिए उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया जाएगा। इसी के साथ बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अगर कोई मानसिक रोगी होगी तो परिवार पर तथा कस्टोडियन पर कार्रवाई की जा सकती है। वहीं सभी चेनलों पर गुरबाणी चलाने का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि गुरबाणी का प्रचार-प्रसार किया जा सके। इसका राष्ट्रपति अगर साइन कर दे तो वह भी पास कर दिया जाएगा।
