चंडीगढ़ः संसद में आज पेश किए जाने वाले महिला आरक्षण विधेयक को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान सामने आया है। मीडिया से बात करते हुए सीएम मान ने कहाकि वह भाजपा से अपील करते है कि इसमें कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। जिस इलाके में वोटिंग ज्यादा वहां बढ़ौतरी की जाए और जहां वोटिंग कम हो रही है वहां संख्या कम कर दी जाए। सीएम मान ने कहाकि भाजपा कुछ भी कर सकती है। ह्यूमन बिल को लेकर कहाकि भाजपा 543 सीटों में से पहले 33 प्रतिशत महिलाओं को दे दें। उन्होंने कहा कि डेढ़ गुणा सीटें सभी स्टेट में बढ़ा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहाकि 85 प्रतिशत वाले को 120 पर ले जाया जाए, लेकिन उन्हें 140 पर ले जाया जा रहा है। साउथ वालों का बनता है, लेकिन नहीं किया जा रहा है। वहीं बंगाल में 58 से आगे ले जाया जाए, लेकिन ऐसा नहीं किया जाता। सीएम मान ने कहा कि कारण यह है कि जिस स्टेट से भाजपा जीत रही है वह बढ़ौतरी की जा रही है, लेकिन जिस स्टेट से हार रही है वहीं कटौती की जा रही है। सीएम मान ने कहा कि इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल का बयान सामने आया है। जहां राज लाली गिल ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर खुशी जताई है। चेयरपर्सन राजलली गिल ने कहा कि जिस तरह से महिला आरक्षण बिल आ रहा है, वह खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि अब देखना है कि इसको किस तरह से लागू किया जाता है, लेकिन यह सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए संसद में सीटें बढ़ेंगी। यह विधानसभा और पंचायतों में पहले से लागू है। महिलाएं हर क्षेत्र में भागीदारी कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत नहीं बल्कि 50 प्रतिशत आरक्षण होना चाहिए। महिला आरक्षण को लेकर राजलली गिल ने कहा कि जिस तरह से ओबीसी को लेकर मांग की जा रही है वह कतई सही नहीं है। क्योंकि आरक्षण जनरल होना चाहिए ताकि सभी महिलाओं को उसका हक मिल सके। वहीं दूसरी ओर, मनीष सिसोदिया ने कहा कि जिस तरह से भाजपा महिला आरक्षण बिल लेकर आ रही है, उसमें भाजपा अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश में जुटी हुई है। क्योंकि भाजपा साजिश करके जहां पर कमजोर होती है वहां पर अपने मन चाहे फैसला करने की कोशिश करती है। जिसमें उन्होंने महिला आरक्षण का समर्थन किया, लेकिन साथ यह भी कहा कि जिस तरह बिल लाया जा रहा है वह सही नहीं है।
क्योंकि जनगणना को देखा जाए तो उसमें जल्दबाजी की जा रही है। ऐसे में इस बिल को लेकर जहां उन्होंने समर्थन किया वहीं दूसरी तरफ कमियों को लेकर भाजपा पर कटाक्ष किया। वहीं दूसरी ओर, चंडीगढ़ की रहने वाली ज्योति महावर ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि इसको लेकर महिलाओं में काफी खुशी है। यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। पहले महिलाओं को घर वाले भी राजनीति में नहीं जाने देते थे लेकिन अगर घर की नारी सशक्त होगी तो पूरा घर ही सशक्त होगा। अधिवक्ता सुमनदीप कौर ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि सरकार का यह काफी सकारात्मक कदम है। पहले सिर्फ महिला सशक्तीकरण की बातें चलती थीं। इस विधेयक से संसद में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी। इसके लागू हो जाने के बाद घर की महिलाएं भी आगे आएंगी। वे अपनी समस्याओं को बता पाएंगी।
