लुधियानाः पंजाब की सबसे बड़ी मंडियों में से एक लुधियाना सब्जी मंडी पार्किंग ठेके को लेकर पिछले दिनों विवादों में रही थी। इस सब्जी मंडी के पार्किंग ठेकेदार राजू पर ओवरचार्जिंग के आरोप लगे थे। वहीं कही लोगों ने उन पर गुंडागर्दी कर मारपीट के आरोप भी लगाए थे जिसके बाद मंडी बोर्ड ने एक्शन लेते हुए ठेका खुद संभाल लिया था। इससे अब रेहड़ी-फड़ी वालों को बड़ी राहत मिल रही है। रेहड़ी-फड़ी वालों के मुताबिक, ठेका सरकारी होने के चलते उनके काफी पैसे बच रहे हैं। वहीं अब रेहड़ी-फड़ी वालों को राहत देते हुए पार्किंग की पर्ची बिल्कुल फ्री कर दी गई है जिससे उनमें खुशी की लहर है।
जानकारी देते रेहड़ी फड़ी वालों ने बताया कि पहले यहां का ठेकेदार रोजाना करीब 350 रुपये फीस लेता थे, जो गरीब और कम कमाने वालों के लिए बड़ा बोझ बन रहा था। ठेकेदार 300 रुपए रेहड़ी खड़ी करने के अलग लेता था और 50 रुपए पार्किंग के भी लिए जाते थे, लेकिन अब सरकारी ठेका होने के चलते ये बिल्कुल फ्री हो गया है। इस फैसले के बाद अब उन्हें यह रकम नहीं देनी पड़ेगी, जिसका सीधा फायदा उनकी इनकम को होगा। इसी के साथ मंडी में ई-रिक्शा या अन्य वाहनों पर फेरी लगाने वालों ने बताया कि उनसे भी सिर्फ एक बार ही 50 रुपए की पर्ची काटी जाती है जिसके बाद वह पूरा दिन बिना कोई शुल्क दिए फेरी लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला उनके साथ-साथ उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति के लिए बहुत बढ़िया है।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने सरकार का शुक्रिया अदा किया है। उनका कहना है कि इस कदम की लंबे समय से जरूरत थी और अब यह “मस्ती और खेल” वाली स्थिति हो गई है, क्योंकि रोजाना के फालतू खर्च खत्म हो गए हैं। कुल मिलाकर यह फैसला छोटे व्यापारियों के लिए आर्थिक राहत साबित हो रहा है और मंडी के बिजनेस पर भी इसका अच्छा असर पड़ने की उम्मीद है।
