अहमदाबादः डिजिटल इंडिया के इस युग में भारत सरकार लोगों को ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने के लिए प्रेरित कर रही है। हालांकि पेमेंट के नई तकनीकों के आने से ऑनलाइन फ्रॉड की संख्या में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है। देश में इन दिनों ऐसे महाठग सक्रिय हैं जो आपकी जरा सी चूक पर पूरा बैंक अकाउंट खाली करने से भी नहीं चूकते। गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली 25 वर्षीय मितिशा सेठी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। पेशे से फैशन डिजाइनर इस महिला के बैंक अकाउंट से ठगों ने 1.38 लाख रुपये निकाल लिए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं पीड़िता का कहना है कि उसने अपने कपड़े स्टिच करने के लिए टेलर को दिए हुए थे। कपड़े तैयार होने के बाद टेलर ने उन्हें बताया था कि उन्होंने ड्रेस को डिलीवरी के लिए भेज दिया है। कोरियर कंपनी के माध्यम से डिलीवरी आनी थी। टेलर द्वारा दी गए कोरियर के लिंक से वो ऑर्डर को ट्रेस कर रही थी।
कोरियर लिंक ट्रेस करने पर आया था फोन
मितीशा के मुताबिक, ’11 मई को मुझे अचानक याद आया कि पालडी नामक टेलर को मैंने ड्रेस स्टिच करने के लिए दी थी। टेलर ने कहा कि वो पहले ही कपड़े को भेज चुका है। क्योंकि मुझे ऑर्डर दो दिन बाद तक भी नहीं मिला था इसलिए मैंने गूगल पर उसे ट्रेस करना शुरू किया।’ कोरियर कंपनी की वेबसाइट पर जाकर ऑर्डर ट्रेस करने के कुछ मिनट बाद पीडि़ता को एक फोन आया। शख्स ने उसे खुद को कोरियर कंपनी का कर्मचारी बताया।
लिंक के माध्यम से दो बार की पेमेंट
बताया गया कि पांच रुपये की पेमेंट करने के बाद पार्सल की डिलीवरी कर दी जाएगी। पेमेंट के लिए लिंक शेयर किया गया। मितीशा ने पेमेंट कर दी। इसके बाद अतिरिक्त पांच रुपये की पेमेंट के लिए कहा गया। दूसरी ट्रांजेक्शन होने के बाद उन्हें फ्रॉड होने का शक हुआ। मैंने अपना बैंक अकाउंट ही डिएक्टिवेट कर दिया। 13 से 21 मई के दौरान मितीशा ने अपने फोन का इस्तेमाल भी नहीं किया। वो इस दौरान एक ट्रिप पर थी।
आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज
कुछ समय बात मितीशा ने एक ट्रांजेक्शन करने की कोशिश की तो पता चला कि बैंक में बैलेंस कम है। अगले दिन बैंक की ब्रांच जाकर देखा तो पता चला कि 1.38 लाख रुपये बिना उनकी जानकारी के चार ट्रांजेक्शन के माध्यम से निकाल लिए गए हैं। पुलिस ने आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
