चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अपने नीदरलैंड-फिनलैंड दौरे का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने कृषि, उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में विश्व भर से मजबूत सहयोग हासिल किया है, जिससे किसानों, युवाओं और राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचेगा। ज़ायका कंपनी के 1300 करोड़ रुपए के निवेश, विश्वव्यापी कंपनियों की दिलचस्पी तथा केउकेनहॉफ से फिनलैंड तक उन्नत कृषि-तकनीकी सहयोग पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये रणनीतिक साझेदारियां फसल विविधीकरण को तेज करेंगी, निवेश को आकर्षित करेंगी और पंजाब को नवाचार, अनुसंधान एवं विकास तथा उच्च गुणवत्ता वाली खेती के लिए विश्व स्तरीय केंद्र के रूप में मजबूती से स्थापित करेंगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहले दिन नीदरलैंड में भारत के राजदूत ने पंजाब के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और 19 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध बागवानी मॉडल केउकेनहॉफ का दौरा किया, जहां रोजाना 40,000 पर्यटक आते हैं। वहां हमने प्रतिनिधियों से बातचीत की।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “इस दौरे का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में साझेदारी के अवसरों की पड़ताल करना था। बागवानी के विकास के लिए सहयोग पर चर्चा हुई और पंजाब से गुलाब की निर्यात संभावना का पता लगाया गया।” उन्होंने कहा, “ज़ायका द्वारा किए जा रहे 1300 करोड़ रुपए के निवेश के अलावा यह समझौता फसल विविधीकरण को बड़ा प्रोत्साहन देने में मुख्य भूमिका निभाएगा।”
इस दौरे का उद्देश्य औद्योगिक निवेश और साझेदारी को प्रोत्साहित करना, शिक्षा और अनुसंधान में आदान-प्रदान को मजबूत करना, प्रौद्योगिकी के पारस्परिक आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रित करना तथा पंजाब के समग्र विकास के लिए योजना बनाना भी था। बातचीत के दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों और टिकाऊ खेती में संयुक्त परियोजनाओं की संभावना की पड़ताल की गई तथा इस बात पर सहमति बनी कि उच्च मूल्य वाली फसलों और गुणवत्ता युक्त निर्यात उत्पादन के लिए सहयोग किया जाएगा। इस दौरे ने कौशल विकास और शैक्षणिक आदान-प्रदान के अवसरों के साथ-साथ नए औद्योगिक निवेशों और साझेदारियों के लिए रास्ते खोले। रणनीतिक साझेदारी बनाने पर जोर देते हुए प्रौद्योगिकी और नवाचार के आदान-प्रदान पर भी समझौता किया। नीदरलैंड वर्टिकल (लंबवत) खेती के लिए प्रसिद्ध है, जिसे पंजाब में दोहराया जा सकता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “20 अप्रैल को प्रतिनिधिमंडल ने विश्व बागवानी केंद्र का दौरा किया और नीदरलैंड्स इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड के प्रतिनिधियों से मुलाकात की तथा पंजाबी समुदाय से बातचीत की।” उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि हमारे जैसी खुली खेती में एक वर्ग मीटर में 6 किलो टमाटर पैदा होते हैं, जबकि वहां पॉलीहाउस में एक वर्ग मीटर में टमाटर का उत्पादन 100 किलो है।
प्रतिनिधिमंडल ने विदेशी निवेश और विश्वव्यापी साझेदारी को प्रोत्साहित करने तथा सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवाचार क्षेत्रों में अवसरों की पड़ताल के उद्देश्य से निवेश रोड शो भी किया।” उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक और बागवानी मॉडलों को अपनाने, स्टार्ट-अप्स, अनुसंधान और कौशल विकास को प्रोत्साहित करने तथा पंजाब को विश्व स्तरीय निवेश और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
पंजाब सरकार के प्रयासों ने वांछित परिणाम दिए क्योंकि मोहाली में एक अनुसंधान और विकास केंद्र तथा नवाचार हब का प्रस्ताव पेश किया गया था।” पंजाब में एक बागवानी अनुभव और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी दे दी गई है। प्रवासी पंजाबी बेअदबी विरोधी कानून बनाने और पहली बार किसी पंजाबी प्रतिनिधिमंडल द्वारा नीदरलैंड का दौरा करने पर वे बहुत खुश हैं।
विदेशी कंपनियां राज्य में निवेश और साझेदारी के लिए मजबूत दिलचस्पी दिखा रही हैं, जो प्रौद्योगिकी ट्रांसफर, अनुसंधान और स्टार्ट-अप्स में सहयोग के लिए नए अवसर खोलेगी।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह फसल विविधीकरण और उच्च तकनीकी खेती को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे पंजाब का विश्व पटल पर एक नवाचार-आधारित और निवेशक-अनुकूल राज्य के रूप में मजबूत अक्स बनेगा।”
पहले जापान और कोरिया के दौरे के सार्थक नतीजे सामने आए क्योंकि राज्य सरकार इन दोनों देशों से निवेश आकर्षित करने में सफल रही थी।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे उम्मीद है कि नीदरलैंड और फिनलैंड की यह यात्रा भी राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा प्रोत्साहन देगी।” इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
