भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में “अघोषित लॉकडाउन” जैसी स्थिति पैदा हो गई है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव तक तेल की कीमतों को जानबूझकर रोके रखा गया और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए गए। उन्होंने केंद्र से देश के तेल, गैस और सोने के भंडारों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बढ़ती महंगाई और नागरिकों पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों से आम जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देकर महंगाई को सही ठहराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को देश की आर्थिक स्थिति के बारे में सच जानने का अधिकार है और सरकार को तथ्यों को छुपाने के बजाय पारदर्शिता बरतनी चाहिए।
मतदाता सूची के विशेष संशोधन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में 15 जून से शुरू होने वाली प्रक्रिया के दौरान आम आदमी पार्टी पूरी सतर्कता रखेगी। उन्होंने कहा कि न तो किसी वास्तविक मतदाता का नाम हटने दिया जाएगा और न ही किसी फर्जी मतदाता को सूची में शामिल होने दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में केवल दो विधायक होने के बावजूद भाजपा के सात राज्यसभा सदस्य होना लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान को रोकने के लिए बनाए गए “जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026” पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह कानून सिख संगत की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि सरकार पवित्र गुरबाणी की गरिमा और सम्मान बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस कानून को सख्ती से लागू किया जाएगा।
