चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा लोक सेवा आयोग (ग्रुप-बी) राज्य सेवा विनियम, 1999 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। यह बदलाव मौजूदा नियमों को नई स्वीकृत पद संख्या और वर्तमान सरकारी नियमों के अनुसार अपडेट करने के लिए किया गया है।
यह निर्णय हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) में परीक्षाओं तथा अन्य संबंधित कार्यों की संख्या में वृद्धि के कारण आयोग पर बढ़ते कार्यभार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। संशोधन के तहत एचपीएससी में सुपरिंटेंडेंट के दो नए पद और अकाउंट्स ऑफिसर का एक नया पद जोड़ा जाएगा। इसके बाद सुपरिंटेंडेंट पदों की संख्या 5 से बढ़कर 7 हो जाएगी, जबकि अकाउंट्स ऑफिसर के एक पद को भी शामिल किया गया है।
मंत्रिमंडल ने सेवा नियमों में भी कुछ बदलावों को मंजूरी दी है, ताकि वे वर्तमान सरकारी नीतियों और नियमों के अनुरूप हो सकें। पात्रता, अनुशासन और सजा से जुड़े प्रावधानों को हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के अनुरूप किया गया है। इसके अलावा हिंदी की शैक्षणिक योग्यता से जुड़ा नियम भी बदला गया है। पहले दसवीं कक्षा तक हिंदी विषय में पढ़ाई अनिवार्य थी लेकिन अब दसवीं कक्षा में हिंदी या संस्कृत में से कोई एक विषय होना या उच्च शिक्षा में हिंदी विषय होना पर्याप्त माना जाएगा।
इन बदलावों से एचपीएससी का प्रशासनिक कामकाज और मजबूत होगा तथा राज्य में ग्रुप-ए और ग्रुप-बी पदों की भर्ती प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज बनेगी।

