नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने आज भारतीय शेयर बाजार को हिलाकर रख दिया है। सोमवार ,18 मई को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार खुलते ही शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां ओपन होते ही 900 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 280 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया। इस बड़ी गिरावट के बीच पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स और टाइटन जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए दिखाई दिए।
सेंसेक्स-निफ्टी की ओपनिंग पर नजर डालें, तो BSE Sensex अपने पिछले शुक्रवार के बंद 75,237 की तुलना में तेज गिरावट के साथ 74,807 के लेवल पर खुला था और अगले 5 मिनट में ही ये भारी गिरावट के साथ फिसलते हुए 907 अंक टूट गया और 74,330 के लेवल पर आ गया। NSE Nifty की चाल भी सेंसेक्स के जैसे ही नजर आई और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,643 की तुलना में गिरकर पहले 23,482 पर खुला और फिर अचानक इसमें गिरावट भी तेज होती चली गई। शेयर मार्केट में ट्रेडिंग शुरू होने के 5 मिनट बाद ही ये इंडेक्स भी 280 अंक टूटकर 23,361 पर कारोबार करता नजर आया।
शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन आई इस बड़ी गिरावट के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए। बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो इसमें शामिल Tata Steel Share (3.75%), PowerGrid Share (3.50%), Maruti Share (2.40%), Trent Share (2.25%), SBI Share (2.05%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे। इसके अलावा Eternal, Titan, Adani Ports जैसे स्टॉक्स भी करीब 2 फीसदी की गिरावट में थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई नई कड़ी चेतावनी के बाद एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा है, ”ईरान के लिए घड़ी टिक-टिक कर रही है। बेहतर होगा कि वे समझौते के लिए तेजी से कदम आगे बढ़ाएं, वरना उनका नामोनिशान नहीं बचेगा। समय बेहद कम है।” वहीं, ईरान ने ट्रंप की इस धमकी को खारिज करते हुए कहा कि वह किसी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अगर उन पर हमला हुआ, तो वे मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों के ठिकानों को निशाना बनाएंगे. इससे तेल की सप्लाई पूरी तरह से ठप हो सकती है।

