शिमलाः हिमाचल में जुलाई माह शुरू होते ही बरसातों का दौर शुरू हो चुका है। जिससे कई शहरों में भारी तबाही हुई है। किन्नौर के चोलिंग क्षेत्र में शुक्रवार तड़के बादल फटने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आ गया, जिससे कई रास्ते बंद हो गए। वहीं घटना से 2 वाहन भी फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचनी शुरू हो गई। रास्ते से मलबा हटाया जा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। राहत की खबर ये है कि बादल फटने और भारी मलबा आने से बाधित हुआ शिमला-किन्नौर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) चोलिंग के पास बहाल कर दिया गया है।
किन्नौर जिले की रिब्बा खड्ड में वीरवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब तीन बजे अचानक बाढ़ आ गई। खड्ड का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण पानी मलबे के साथ रास्तों और सड़कों पर बहने लगा। पानी की तेज आवाज सुनकर ग्रामीण दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।
बाढ़ के कारण रिब्बा से कंडे को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो खड्ड के आसपास और रास्तों पर मलबे का ढेर दिखाई दिया। कई स्थानों पर सड़क और मार्ग मलबे से पट गए थे।
चकुरठा गांव में एक ढाई मंजिला मकान पर भूस्खलन के कारण एक बड़ा पत्थर गिर गया, जिससे मकान को भारी क्षति पहुंची है। जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। रोहतांग में भी बारिश हुई। राजधानी शिमला में बूंदाबांदी हुई जबकि ऊना जिले में सुबह हल्के बादल छाए रहे। वीरवार शाम तक प्रदेश में 49 सड़कें, 42 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे। कांगड़ा में सुबह बादल छाए। इसके बाद पूरा दिन मौसम साफ रहा और धूप भी खिली रही। साफ मौसम के बीच तापमान में भी बढ़ोतरी हुआ और लोगों को गर्मी का एहसास हुआ।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी कांगड़ा और मंडी जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शिमला, कुल्लू, ऊना और सिरमौर जिले के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश होने के आसार हैं। चार जुलाई को कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 5 और 6 जुलाई को भी कुछ जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है।


