जालंधर, ENS: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कपूरथला के साइंस मास्टर-कम-कानूनी सलाहकार परमजीत सिंह को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पोर्टल पर सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी सतिंदर बीर सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई।
शिकायतकर्ता सतिंदर बीर सिंह के अनुसार सेवानिवृत्ति के बाद स्कूली विद्यार्थियों के लिए साइकोमेट्रिक टेस्ट कराने हेतु ‘एजूराइज एंटरप्राइज’ नामक कंपनी शुरू की थी। उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए ब्लॉक भुलत्थ कपूरथला के 14 सरकारी स्कूलों की 187 छात्राओं की साइकोमेट्रिक टेस्टिंग कराने की अनुमति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी कपूरथला को प्रस्ताव भेजा था। जांच में सामने आया कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात साइंस मास्टर-कम-कानूनी सलाहकार परमजीत सिंह ने कथित तौर पर इस कार्य को मंजूरी दिलाने के बदले प्रति छात्रा 200 रुपये रिश्वत की मांग की।
बाद में यह राशि घटाकर 150 रुपये प्रति छात्रा कर दी गई। उल्लेखनीय है कि इस टेस्ट के लिए सरकार संबंधित कंपनी को प्रति छात्रा 700 रुपये का भुगतान करती है। विजिलेंस के अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच में रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। विजिलेंस ब्यूरो ने बताया कि मामले की जांच जारी है और इस प्रकरण में अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच की जाएगी।

