मकर संक्रांति: यह पर्व हिन्दू धर्म के मुख्य त्योहारों में से एक है। यह पर्व सूर्य देव के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करने के अवसर पर मनाया जाता है। वैसे तो साल में 12 संक्रांति होती हैं, लेकिन मकर संक्रांति का खास महत्व होता है। इसी दिन से ग्रहों के देवता सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते है। इसके अलावा इस महत्वपूर्ण पर्व से जुड़ी 4 रोचक बाते हैं।
इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी दिन सोमवार को मनाई जाएगी। क्योंकि ग्रहों के राजा सूर्य 14 जनवरी 2024 को अर्धरात्रि में 2 बजकर 42 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे। ऐसे में उदयातिथि 15 को पड़ रही है इसलिए संक्रांति इस बार 15 तारीख को मनाई जाएगी। वहीं इस दिन से खरमास भी समाप्त हो जाएगा। इस दिन से सारे शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे, जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि।
मकर संक्रांति की कहानी
ऐसी मान्यता है कि इस दिन ही गंगा जी भगीरथ से निकलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थीं। इस दिन यशोदा माँ ने कृष्ण को प्राप्त करने के लिए उपवास किया था। इसलिए इस दिन लोग गंगासागर में स्नान और दान पुण्य भी करते हैं। इस दिन भगवान सूर्य की पूजा की जाती है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर जाते है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन स्वर्ग का दरवाजा खुल जाता है।
