धर्म: उत्तराखंड के पवित्र धाम केदारनाथ मंदिर में कपाट खुलते ही आस्था का अद्भूत दृश्य देखने को मिल रहा है। बीते दिन विधि-विधान के साथ बाबा केदार के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं। देश-विदेश से आए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ गई है। पहले ही दिन लगभग 38 हजार श्रद्धालु धाम पहुंच गए है। इससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया।
सुबह करीबन 7:50 बजे कपाट खुलने के साथ ही ऊं नम: शिवाय और जय बाबा केदार के जयघोषों से वातावरण पॉजिटिव हो गया। इस मौके पर सेना की सिख लाइट इनफ्रैंट्री रेजिमेंट के बैंड की मधुर धुनों ने माहौल को भी भक्तिमय बना दिया। परंपरा के अनुसार, पहली पूजा नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई है। कपाटोद्वाटन के इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए करीबन 10 हजार श्रद्धालु मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद
इस मौके पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी भी धाम में उपस्थित रहे। उन्होंने देश विदेश से आए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। कपाट खुलने के दौरान हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश की गई। इससे पूरा आयोजन और भी दिव्य बन गया।
भारी भीड़ ने बढ़ाई चिंता
हालांकि भारी भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कई भक्तों ने यह भी बताया कि उन्हें बाबा के दर्शन के लिए 10-12 घंटे तक कतार में खड़ा रहना पड़ा। मंदिर तक पहुंचने वाले करीबन 700 मीटर लंबे कॉरिडोर की लंबी लाइनें लगी हैं इससे व्यवस्था पर दबाव साफ दिखाई देगा।
व्यवस्था में दिखी कमी
यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस, एनडीआरएफ, आईटीबी और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारी तैनात किए गए थे लेकिन पहले दिन थोड़ी मुश्किल भी आई। मंदिर के मुख्य द्वार पर कुछ श्रद्धालु रेलिंग पार कर अंदर जाने की कोशिश करते दिखे। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने स्थिति को स्वीकार करते हुए कहा कि व्यवस्थाओं को जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
धाम में सिर्फ मंदिर नहीं बल्कि आस्था का प्रतीक बनी भीम शिला पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। साल 2013 की आपदा के बाद से यह शिला श्रद्धालुओं के लिए खास महत्व रखती है। तीर्थ पुरोहितों के अनुसार, भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद भीम शिला के दर्शन करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
प्राकृतिक सौंदर्य भी श्रद्धालुओं को खास तौर पर आकर्षित कर रहा है। चारों और बर्फ से ढके पहाड़, साफ नीला आस-मान और ठंडी हवाएं धाम की भव्यता की ओर बढ़ा रहे हैं। भैरवनाथ मार्ग और आस-पास के क्षेत्रों में श्रद्धालु बर्फ के बीच खेलते और तस्वीरें नजर आए। गुजरात से आए एक श्रद्धालु रमाबाई ने बताया कि इस बार कपाट खुलने के समय मौसम बहुत अनुकूल है। इससे यात्रा का अनुभव और भी सुखद हो गया है।
