वॉशिंगटनः भारत पर एक बार फिर तेल-एलपीजी वाला नया खतरा मंडराने लगा है। भारत से कोसों दूर हुई घटना ने एक बार फिर सबके कान खड़े कर दिए हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर ताबड़तोड़ सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका केंद्रीय कमान के एक बयान के अनुसार ओमान के तट पर अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में अमेरिका ने ईरान पर हमले किए। जिसमें ओमान के तट के पास अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है।
ईरान ने एक बार फिर दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज को बंद कर दिया है। ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी दी है। इससे भारत की एलपीजी और तेल सप्लाई पर एक बार फिर असर पड़ सकता है। अमेरिका केंद्रीय कमान ने कहा कि ये हमले ईरान की अनुचित आक्रामकता के लिए एक उचित प्रतिक्रिया होंगे। यह घटना ट्रंप द्वारा हेलीकॉप्टर गिराए जाने के लिए ईरान को दोषी ठहराने और अमेरिका द्वारा जवाबी कार्रवाई की धमकी देने के बाद हुई है।
जानकारी के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मंगलवार को अमेरिका सेना का एक अपाचे हमला हेलीकाप्टर गिर गया। इसमें सवाल दो अमेरिका पायलटों की तलाश के लिए तत्काल एक मानवरहित ड्रोन नाव मौके पर भेजी और पायलटों को सुरक्षित निकाला गया। दूसरी तरफ ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने और अमेरिका नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को ड्रोन से निशाना बनाया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरानी सेना हर हमले का जवाब देगी। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारा क्षेत्र छोड़ दें।
