धर्म: बौद्ध धर्म में भगवान बुद्ध का जन्मोत्सव, बुद्ध पूर्णिमा के रुप में बड़े श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। यह दिन न सिर्फ उनके जन्म का प्रतीक है बल्कि ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वारण से भी जुड़ा माना जाता है इसलिए बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह तिथि बहुत ही पवित्र मानी जाती है। इस दिन लोग भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर मोक्ष और शांति की कामना करते हैं।
हिंदू धर्म में इस दिन वैशाख पूर्णिमा के रुप में मनाया जाता है इसलिए इस दिन स्नान-दान करना बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि यह पूर्णिमा हिंदू धर्म में भी बहुत ही खास मानी जाती है। इस शुभ दिन गौतम बुद्ध के साथ श्रीहरि और मां लक्ष्मी की पूजा-उपासना करना भी शुभ माना जाता है। द्रिक पंचागों के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा की तिथि 30 अप्रैल को रात 9 बजकर 12 मिनट पर शुरु होगी और तिथि का समापन 1 मई को रात 10 बजकर 52 मिनट पर होगा। इस दिन चंद्रोदय का समय शाम 6 बजकर 52 मिनट पर होगा।
बुद्ध पूर्णिमा तिथि
द्रिक पंचागों के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा की तिथि 30 अप्रैल को रात 9:12 मिनट पर शुरु होगा और तिथि का समापन 1 मई को रात 10 बजकर 52 मिनट पर होगा। इस दिन चंद्रोदय का समय शाम 6:52 मिनट पर होगा।
बुद्ध पूर्णिमा स्नान-दान का मुहूर्त
बुद्ध पूर्णिमा के दिन स्नान-दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 15 मिनट से शुरु होकर 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किया गया स्नान दान शास्त्रों में बहुत ही शक्तिशाली बताया गया है। इसके बाद किया गया स्नान राक्षस स्नान कहलाता है। ऐसे में कोशिश करें कि इस दिन ब्रह्मा मुहूर्त में ही स्नान करें। बुद्ध पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का खास महत्व होता है। भगवान बुद्ध को खीर का भोग अर्पित किया जाता है। इसके बाद प्रसाद को लोगों में बांटना शुभ माना जाता है। ध्यान, शांति और सेवा भाव और विशेष जोर दिया जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व
मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान बुद्ध को बोधि प्राप्त हुआ था ऐसे में उनका आध्यात्मिक पुनर्जन्म भी कहते हैं। इस दिन स्नान, दान और ध्यान करने से जीवन में पॉजिटिव आती है और पापों से मुक्ति मिलती है।
बुद्ध पूर्णिमा की कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान बुद्ध का जन्म सिद्धार्थ के रुप में एक राजघराने में हुआ था। राजसी जीवन त्यागकर उन्होंने सत्य की खोज के लिए कठिन तपस्या की। सालों की साधना के बाद वैशाख पूर्णिमा वाले दिन उन्हें ज्ञान मिला और वो बुद्ध कहलाए।
