नई दिल्ली: बरसात के मौसम में मिलने वाला जामुन स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। यह फल विटामिन सी, आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम और कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। यही वजह है कि लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि जामुन खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है। कई लोग इसकी गुठली का पाउडर बनाकर भी सेवन करते हैं और दावा करते हैं कि इससे डायबिटीज नियंत्रित रहती है।
लेकिन क्या सच में जामुन डायबिटीज का इलाज कर सकता है? क्या केवल जामुन खाने से शुगर कंट्रोल हो जाएगी? इस सवाल का जवाब स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दिया है।
कैलाश दीपक हॉस्पिटल के एंडोक्रिनोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. निशांत जैन के मुताबिक, जामुन को डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद जरूर माना जाता है, लेकिन इसे बीमारी का इलाज नहीं समझना चाहिए। यह डॉक्टर की दवाओं या इंसुलिन का विकल्प नहीं है। जामुन को केवल एक संतुलित और हेल्दी डाइट का हिस्सा माना जा सकता है, जो ब्लड शुगर मैनेजमेंट में कुछ हद तक मदद कर सकता है।
डॉक्टर बताते हैं कि जामुन में एंथोसायनिन, एलेजिक एसिड, फ्लेवोनॉयड्स और जैंबोलिन जैसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं। ये शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं और कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं। डायबिटीज के मरीजों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस अधिक देखने को मिलता है, इसलिए ऐसे पोषक तत्व शरीर के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
क्या वाकई ब्लड शुगर कम करने में मदद करता है जामुन?
कुछ शुरुआती रिसर्च में यह संकेत मिले हैं कि जामुन शरीर में स्टार्च को शुगर में बदलने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है। इसके अलावा यह इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस विषय पर अभी और बड़े स्तर के वैज्ञानिक अध्ययन की जरूरत है।
जामुन में फाइबर अच्छी मात्रा में मौजूद होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) भी कम होता है। यही कारण है कि इसे खाने के बाद ब्लड शुगर का स्तर कई दूसरे मीठे फलों की तुलना में धीरे-धीरे बढ़ता है। यही वजह है कि सीमित मात्रा में जामुन को डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।
हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ज्यादा जामुन खाने से ज्यादा फायदा मिलेगा। जरूरत से अधिक सेवन करने पर कब्ज, पेट फूलना, गैस या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। अगर कोई व्यक्ति पहले से डायबिटीज की दवा या इंसुलिन ले रहा है, तो उसे अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
जामुन खाते समय इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जामुन हमेशा सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। इसे खाली पेट खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा जामुन खाने के तुरंत पहले या बाद में दूध का सेवन भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे कुछ लोगों को पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।
यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो केवल जामुन के भरोसे शुगर कंट्रोल करने की कोशिश न करें। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का सेवन सबसे जरूरी है। जामुन इन सभी चीजों के साथ मिलकर बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जामुन एक पौष्टिक फल है और सही मात्रा में इसका सेवन शरीर को कई फायदे पहुंचा सकता है। लेकिन इसे किसी चमत्कारी इलाज की तरह नहीं देखना चाहिए। डायबिटीज जैसी बीमारी में डॉक्टर की सलाह और नियमित उपचार ही सबसे महत्वपूर्ण है।
