जालंधर, ENS: पंजाब में 25 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की शुरुआत होने जा रही है। इसके तहत 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार 160 मतदाताओं की जांच की जाएगी। 1 अक्तूबर को फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी। इस दौरान फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे। इसी को लेकर आज एपीजे कॉलेज में एसआईआर को लेकर कर्मियों को ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान एसआईआर को लेकर जागरूक किया गया। ईआरओ बलविंदर सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर करवाई जा रही है।
2003 को बेस मानते हुए इसका मुख्य मकसद यह है कि लिजिबल वोटर वोट बनाने से वंचित ना रह जाए। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को उनका वोट का अधिकार लोगों मिल सके। 25 जून से प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। बीएलओ द्वारा एनरोलमेंट फार्म भेजा जाएगा। सभी सिटीसन से अपील की गई है कि इस डबल फार्म को भरकर बीएलओ को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि इसी से वोटर की प्रक्रिया शुरू हो सके। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर कोई एनआरआई इंडिया का सिटीसन है तो उन्हें वोट का अधिकार है, लेकिन अगर वह इंडियन सिटीजन नहीं है यानी कि जिनका पासपोर्ट भारतीय नहीं है, तो उनकी वोटिंग का अधिकार उन्हें नहीं दिया जा सकता।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि इसका प्रॉपर्टी के साथ कोई लिंक नहीं है, यह वोटर सूचि से संबंधित है। ऐसे में गलत अफवाह ना फैलाई जाए। उन्होंने कहा कि बीएलओ, ईआरओ, एसडीएम से जानकारी जरूर ले ली जाए। वहीं प्रवासियों को लेकर कहा कि अगर उनके पास भी यहां और अन्य राज्य से संबंधित वोटर कार्ड है तो उसमें से एक की मान्य होगा। बीएलओ ने कहा कि 86 प्रतिशत वोटर को मैपिंग किया जा चुका है।
