जालंधर, ENS: सिविल अस्पताल में आज एसडीएम नवदीप सिंह द्वारा औचक चैकिंग की गई। इस दौरान अस्पताल में पाई गई कमियों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। इस चैकिंग के दौरान मौके पर 3 एसएमओ और एमएमस मौजूद रहे। वहीं स्टाफ में औचक चैकिंग के दौरान हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी देते हुए एसडीएम ने कहा कि मान सरकार की अगुवाई में आयुष्मान कार्ड योजना के तहत मरीजों को मुफ्त ईलाज के जरिए 10 बेड मुहैया करवाए गए। इस दौरान उनकी केयर की जा रही है। वहीं डेंगू को लेकर अस्पताल की ओर से अभी से तैयारियां मुक्कमल की गई है।
उन्होंने कहा कि मेडिकल सुपरिटेंडेंट के ध्यान में अस्पताल की कमियां रखी गई है, जिसमें जल्द सुधार किया जाएगा। एसडीएम ने कहा कि आज की तरह एक बार फिर से अस्पताल में औचक चैकिंग की जाएगी। इस दौरान मरीजों से बात करके कमियों के बारे में पूछा जाएगा। इसके साथ कमियों को लेकर दोबारा से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ मरीजों से पूछताछ की गई और दवाईयों के बारे में जांच की गई। इस दौरान एक मरीज को दवाई की कमी पाई गई। डॉक्टर के अनुसार दवाई का स्टॉक खत्म हो गया था और उस स्टॉक के लिए आर्डर दिए गए है, जल्द एक या दो दिन में दवाई अस्पताल मे उपलब्ध हो जाएगी।
जबकि अन्य मरीजों से पूछताछ में पता चला कि उन्हें सभी दवाईयां मिल रही थी। अस्पताल में रिपेयरिंग का काम किया जा रहा है। वहीं पानी की व्यवस्था को लेकर पुख्ता प्रबंध किए जा रहे है। इसी के साथ सड़क की कमी को जल्द पूरा करते हुए सुधार किया जाएगा। एसडीएम ने कहाकि अस्पताल में पाई गई कमियों को जल्द पूरा करने के निर्देश जारी कर दिए गए है। आज औचक चैकिंग के दौरान मरीज के द्वारा करंट आने की सूचना मिली थी। जिसके बाद तुरंत बिजली कर्मी को जांच में भेजा गया और तुरंत ठीक करवाने के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान पाया गया कि अभी तारों को बदला गया था, लेकिन फिर भी कमी पाए जाने पर जांच की जा रही है। इसी के साथ डेंगू के मरीजों को लेकर पुख्ता प्रबंध किए गए है।
एमएस ने कहाकि हैंडीकैप मरीजों को लेकर ग्राउंड फ्लोर पर मरीजों को देखने के लिए स्टाफ को आना पड़ता है, लेकिन ऑनलाइन एंट्री करने के लिए स्टाफ को पहली मंजिल पर जाना पड़ता है। पहल के आधार पर लिफ्ट को ठीक करवाया गया। मामले की जानकारी देते हुए एमएस नमिता घई ने बताया कि अस्पताल में स्टाफ नर्स और चौथे दर्ज के कर्मियों की कमी है। उन्होंने कहा कि स्टेट की ओर से कांट्रैक्ट चल रहा है, ऐसे में जल्द पूरी होने पर सफाई की पूर्ण जोर दिया जाएगा। इसी के साथ अस्पताल को रेनोवेट किया जा रहा है। अस्पताल में 130 बाथरूम है, जिन्हें रेनोवेट किया जा रहा है। अभी एनसीएच के सभी बाथरूम रेनोवेट किए जा रहे है। जिसके बाद ओपीडी सहित सभी वार्ड के बाथरूम रेनोवेट किए जाएगे और उसके बाद अस्पताल की इमारत को रिपेयर किया जाएगा।
