जालंधर, ENS: किशनपुरा चौक के पास एक्सिस बैंक के एटीएम मशीन से व्यक्ति के साथ स्कैम हो गया। कल की घटना के बाद से वह आज दूसरे दिन इंसाफ को लेकर कभी बैंक कर्मियों के पास तो कभी पुलिस के पास भटक रहे है, लेकिन कोई सुनवाई हो रही। पीड़ित के अनुसार उसके साथ पहले भी स्कैम हो चुका है। पीड़ित को शक है कि बैंक में कैश डालने आते कर्मियों द्वारा स्कैम किया जा रहा है। पीड़ित ने कहा कि पास के दुकानदार ने बताया कि पहले भी मशीन में स्कैम हो चुका है। मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित पकंज ने बताया कि वह कल सुबह 8 बजे एटीएम मशीन से पैसे निकालने के लिए आया तो मशीन पर एक प्लेट लगी हुई थी।
पैसे निकलवाने के लिए आया और 9 हजार रुपए निकालने की कोशिश की, लेकिन पैसे नहीं निकले। इस दौरान उसने देखा नहीं मशीन पर एक मेटल की प्लेट लगी हुई थी, जिसे हिलाने की कोशिश भी की, लेकिन वह नहीं हिली। पीड़ित ने कहाकि वह दूसरे एटीएम में पैसे निकालने के लिए चले गए। इस दौरान कुछ देर उन्हें शक हुआ कि उनके साथ स्कैम हो गया है। जिसके बाद वह वापिस आए तो देखा मशीन से मेटल प्लेट हट चुकी थी और उसने 500 रुपए निकाले तो वह निकल गए। इस दौरान पता चला कि उनके खाते से 9 हजार रुपए भी निकल चुके थे। व्यक्ति ने इसकी तस्वीर भी खींची हुई है, जिसमें कैश का मैसेज आया लेकिन पैसे मशीन से नहीं निकले।
जिसके बाद वह चला गया और 5 मिनट बाद दोबारा वापिस आया तो प्लेट मशीन से गायब थी। पीड़ित ने दोबारा आकर मशीन से प्लेट गायब की तस्वीर भी खींची और उसके बाद एटीएम से 500 रुपए भी निकाले जो मशीन से निकल गए। इस मामले को लेकर पीड़ित ने बताया कि पत्नी का अकाउंट था और कस्टमर केयर ने कहाकि पत्नी की शिकायत के बिना शिकायत दर्ज नहीं होगी। जिसके बाद कस्टमर केयर की ओर से शिकायत दर्ज कर ली गई और उन्हें एक्सिस की सोढल ब्रांच पर शिकायत संबंधी भेजा।
पीड़ित के अनुसार वहां पर बैंक कर्मियों ने कहाकि आपका अकाउंट आईसीआईसीआई का है और ऐसे में वह शिकायत दर्ज नहीं कर सकते। इस मामले को लेकर आईसीआईसीआई की ओर से मेल आने पर ही शिकायत दर्ज की जा सकती है। पीड़ित ने बैंक कर्मियों से सीसीटीवी फुटेज चैक करने की अपील की। इस मामले को लेकर वह पुलिस को भी लिखित में शिकायत दे दी है, लेकिन उन्होंने भी अभी रिसीविंग नहीं दी। पीड़ित ने प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है। पीड़ित ने कहा कि दुकानदारों ने कैश डालने आते कर्मियों को भी कई बार शिकायत दी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।


