जालंधर, ENS: कूल रोड स्थित अग्रवाल ढाबा संचालक की एक बार फिर से मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। हाल ही में सेंट्रल जीएसटी विभाग की टीम ने 18 नवंबर को ढाबा संचालक के घर और ढाबे पर दबिश दी थी। इस दौरान विभाग को 2 करोड़ 84 लाख रुपये की नगद राशि बरामद हुई थी। इस दौरान उन्होंने टैक्स चोरी का आरोप लगाया है। सेंट्रल जीएसटी टीम ने जांच के लिए जमीन, फ्लैटों और वाणिज्यिक संपत्ति के दस्तावेज भी जब्त किए थे। वहीं सूचना मिली है कि इस राशि के बरामद होने के बाद अब इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) भी इस मामले की जांच करेगी। ऐसे में अब ईडी भी ढाबा संचालक से पूछताछ करेगी।
हालांकि सेंट्रल जीएसटी के अधिकारी जांच के दौरान कोई जानकारी साझा करने को तैयार नहीं हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार अब इस मामले की जांच के लिए केंद्र के 3 विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। जांच के दौरान ढाबे की रोज़ाना बिक्री और बैंक खातों के विवरण मिलाए जा रहे हैं। सेंट्रल जीएसटी के अधिकारी ढाबा मालिक के बैंक खातों और पिछले महीनों की बिक्री का रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। जांच से पहले ही ढाबा मालिक से बरामद की गई 2.84 करोड़ रुपये की नकदी उसके बैंक खाते में जमा कराई जा चुकी है और खाता फ्रीज़ किया जा चुका है। केस की जांच विभाग के इंस्पेक्टर तकदीर सिंह गिल कर रहे हैं।
ढाबा मालिक की ओर से सेंट्रल जीएसटी के अधिकारियों को कुछ दस्तावेज़ (सबूत) मुहैया कराए गए थे, जिनकी जानकारी ईडी ने मांगी है। 21 नवंबर को अग्रवाल ढाबे के मालिक नरेश कुमार ने सेंट्रल जीएसटी के अधिकारियों को कुछ रिकॉर्ड दिए थे, लेकिन इसे अभी भी नाकाफी बताया जा रहा है। अग्रवाल ढाबे पर सेंट्रल जीएसटी की 2 टीमों ने छापामारी की थी और बरामद की गई नकदी को लेकर ढाबा मालिक नरेश कुमार को तीन दिन का समय दिया गया था। विभाग इसे अभी एक आर्थिक अपराध मान रहा है।
