जालंधर, ENS: केन्द्रीय एजेंसियों और कपूरथला पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए देश विरोधी जासूसी और भारतीय सेना की महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के साथ साझा करने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं 2 आरोपियों को जेल से प्रॉड्क्शन वारंट पर पुलिस लेकर आई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 सिम बेस्ड CCTV, 4 स्मार्ट मोबाइल फोन और 1 वाईफाई मट बरामद किया गया। फोन से पाकिस्तान नंबर बरामद किए गए। जांच में सामने आया है कि आरोपियों घटना को अंजाम देने के लिए दुकान किराये पर ली थी। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पाक एजेंसी को जानकारी भेज रहे थे और आरोपियों के तार जेल में बैठे कैदियों से जुड़े है।
जांच में सामने आया है कि कपूरथला शहर में आर्मी कैंट के पास एक सेंटर के पास चल रहे सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से भारतीय सेना की गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान भेजी जा रही है, तुरंत कार्यवाही करते हुए कपूरथला पुलिस और केंद्रीय एजेंसी के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान दोनों गिरफ्तार किए गए। आरोपियों की पहचान 26 वर्षीय सोना पुत्र मुख्तियार सिंह निवासी जिला फिरोजपुर और 29 वर्षीय संदीप सिंह उर्फ सोनू पुत्र निर्मल सिंह निवासी जिला फिरोजपुर के रूप में हुई है। आरोपियों ने 2 कैमरे इंस्टाल किए थे।
तलाशी के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी सोना ने एक महीने पहले संदीप सिंह उर्फ सोनू के कहने पर मॉडल टाउन कपूरथला में अपनी पत्नी रमनदीप कौर के नाम पर एक दुकान किराए पर ली थी, जहां दोनों आरोपी मिलकर अपनी दुकान के पास खंभों पर सिम बेस्ड सीसीटीवी कैमरा लगाकर भारतीय सेना की गतिविधियों की जानकारी लेकर पाकिस्तान भेज रहे थे। दौरान पूछताछ में आरोपी सोना ने स्वीकार किया कि उक्त कैमरे की लाइव फुटेज और इसकी कुल पहुंच दोनों आरोपी के मोबाइल के साथ-साथ पाकिस्तान के एजेंट (जिसका नाम फौजी है) के पास भी थी। कपूरथला और भारतीय सेना की गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान भेजने के लिए पाकिस्तान से फौजी एजेंट ने कुल 35,000/- रुपये इन दोनों आरोपियों को किसी अज्ञात व्यक्ति से नकद प्रदान किए थे।
इसके अलावा आरोपी संदीप सिंह उर्फ सोनू ने सीमा पार से एजेंट फौजी द्वारा ड्रोन के जरिए भेजी गई सामग्री को लेने के लिए 50,000/- रुपये भी दिए थे। दोनों आरोपी इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे एजेंट फौजी से लगातार बातचीत भी करते थे। तलाशी के दौरान आरोपियों ने बताया कि पाकिस्तान के एजेंट फौजी से उनका संपर्क केंद्रीय जेल बरनाला में बंद आरोपी के माध्यम से कराया गया था, जिसे इस मामले में प्रॉडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जा रही है। यह कैमरा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के साथ संपर्क कर देश की सम्प्रभुता, एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए गए थे। आरोपियों को मान्य अदालत में पेश करके 4 दिनों का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।
