पीड़ित ने खुद निकाली CCTV फुटेज, कहा- पुलिस नहीं कर रही सुनवाई
जालंधर, ENS: महागनगर में चोरी की वारदातों का ग्राफ इस कदर बढ़ता जा रहा हैकि अब पार्कों में सैर करना भी लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। दरअसल, पार्क के बाहर खड़े वाहनों को चोर निशाना बना रहा है। ताजा मामला श्री गुरु रविदास चौक के पास पार्क के बाहर से बाइक चोरी होने का सामने आया है। पीड़ित कर्ण ने बताया कि देर रात सैर करने के लिए आया था और पार्क के बाहर स्पलेंडर बाइक पार्क के बाहर से चोरी हो गई। पीड़ित रोज की तरह पार्क में टहलने आया था और उसने अपनी स्प्लेंडर प्लस बाइक बाहर लॉक करके खड़ी की थी। लौटने पर बाइक गायब मिली। पीड़ित ने कहा कि 26 तारीख को बाइक चोरी होने को लेकर पुलिस को शिकायत दी, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
जिसके बाद अब उसने खुद सीसीटीवी फुटेज निकलवाई है। पीड़ित के अनुसार वह कई बार पुलिस से संपर्क भी कर चुका है, लेकिन पुलिस का कहना है कि वह जांच कर रहे है। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में एक भूरे रंग की शर्ट पहने युवक को बाइक लेकर आराम से फरार होते हुए देखा गया, जैसे उसके पास उसकी अपनी चाबी हो। पीड़ित पिछले चार-पांच दिनों से पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अभी तक उसे केवल आश्वासन ही मिला है। पीड़ित कर्ण ने बताया कि वह शुक्रवार रात रोज की तरह पार्क में सैर और ताजी हवा लेने गए थे।
उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल पार्क के बाहर अन्य वाहनों के साथ खड़ी की और सुरक्षा के लिए हैंडल लॉक भी लगाया था, लेकिन इसके बावजूद चोर लॉक तोड़कर बाइक ले गए। कर्ण के अनुसार उनकी मोटरसाइकिल हीरो स्प्लेंडर प्लस थी, जो पूरी तरह काले रंग की थी। बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर PB 08 AJ 4756 है। यह 2019 मॉडल थी, जिसे उन्होंने मेहनत की कमाई से खरीदा था। पीड़ित कर्ण के अनुसार, घटना करीब रात के 10:45 बजे के आस-पास की है।
उस समय पार्क के आस-पास चहल-पहल थोड़ी कम हो गई थी, जिसका फायदा उठाकर चोर ने इस वारदात को अंजाम दिया। चोर ने इतनी सफाई से काम किया कि किसी को शक तक नहीं हुआ। पीड़ित कर्ण ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने यह मोटरसाइकिल काफी मुश्किल से किश्तों (EMI) पर खरीदी थी, जिसकी हाल ही में सभी किस्तें पूरी हुई थीं। यह बाइक उनके रोजगार का मुख्य साधन थी, जिसके जरिए वह काम पर आते-जाते और घर का खर्च चलाते थे। बाइक चोरी होने के बाद उनका कामकाज प्रभावित हो गया है और अब उन्हें शहर या दूर-दराज के इलाकों में आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

