नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव के बीच ईरान ने बड़ा बयान देते हुए यह दावा कर दिया है कि वह जल्द ही ऐसा नया हथियार इस्तेमाल करेगा। इससे दुश्मन देश डरते हैं और उन्हें दिल का दौरा तक पड़ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसमें होर्मुज जलडमरुमध्य खोलने के बदले अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की बात कही गई थी।
अमेरिकी रणनीति पर कसा तंज
ईरान कमांडर ने ट्रंप प्रशासन की उस रणनीति पर भी निशाना साधा जिसमें आर्थिक दबाव बनाकर ईरान को बातचीत के लिए मजबूर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि दुश्मनों ने सोचा था कि वे कम समय में अपने मकसद में कामयाब हो जाएंगे लेकिन अब यह सोच सैन्य अकादमियों में मजाक बन गई हैं। ईरानी कमांडर ने दावा किया है कि ईरानी बलों अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर कम से कम सात मिसाइल हमले किए हैं।
इसके कारण कुछ समय तक अमेरिका उस पोत से हवाई ऑपरेशन नहीं कर सका। ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद उसने मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर 100 से ज्यादा जवाबी हमले किए हैं। इसके अलावा ईरान ने होर्मुज जलडमरुमध्य को दुश्मन देशों और उनके साथियों के जहाजों के लिए बंद कर दिया है।
अब जहाजों को गुजरने के लिए ईरानी अधिकारियों से अनुमति लेनी पड़ रही है। ईरान का दावा है कि यह कदम अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में उठाया गया है। ईरान ने अमेरिकी बलों पर अपने जहाजों को जब्त करने और चालाक दल को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। कमांडर ने इसे समुद्री डकैती और बंधक बनाना करार देते हुए कहा कि अमेरिकी कार्रवाई सोमाली लुटेरों से भी बदतर हैं।
ट्रंप ने खारिज किया ईरान का प्रस्ताव
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि वह ईरान के उस प्रस्ताव को नहीं मानेंगे। इसमें नाकेबंदी हटाने के बदले होर्मुज खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत टालने की बात थी। ट्रंप ने कहा कि नाकेबंदी बम बारी से ज्यादा असरदार है। यह ईरान के लिए और खराब होगी। हम उन्हें परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।
ईरान ने युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने की भी कसम खाई है और कहा है कि वह दुश्मनों को ऐसा झटका देगा। इसको वो कभी नहीं भूल पाएंगे। क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और स्थिति बहुत संवेदनशील बनी हुई है।
