अमृतसरः पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआइ दीवाली पर बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। हाल ही में पुलिस ने एम-16 और एके टाइप के हथियारों की लगातार बरामदगी की है। एम -16 और 15 किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए मलकीत सिंह उर्फ मीता और गुरजीत सिंह के कब्जे से मिले मोबाइल की फोरेंसिक जांच में की बातें सामने आइ हैं। पता चला है कि पाक तस्कर नशा कम और खतरनाक हथियार भेजने की ज्यादा बात कर रहे हैं, ताकि किसी भी समय पंजाब में खूनी खेल खेला जा सके। जांच में यह भी साफ है कि उक्त दोनों तस्करों को यह जानकारी नहीं है कि एके -16 राइफल किसे और कहां पहुंचाई जानी है, लेकिन सैन्य हथियारों का सीमा पार से यहां भेजा जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी चिंता का विषय बना हुआ है।
वहीं पुलिस कर्मी और पुलिस इमारतों को भी आइएसआइ के गुर्गे टारगेट करते रहे हैं। लेकिन अब इनपुट मिले हैं कि आइएसआइ पंजाब में जनतक स्थानों को टारगेट करने वाली है। पता चला है कि इसके लिए आइएसआइ लगातार नाबालिगों को स्लीपर सेल के रूप में तैयार कर रही है। हालांकि, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अपने स्तर पर सीमावर्ती इलाकों में जनता को आइएसआइ के मंसूबों के बारे में जागरूक करत रहे हैं। लेकिन लगातार हो रही गिरफ्तारियां, खतरनाक हथियारों की बरामदगी नहीं रुक पा रही है।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। लेकिन इनके गिरोह के अन्य सदस्यों की दबिश के लिए पुलिस लगातार छापामारी कर रही है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को भनक लगी है कि आइएसआइ ने अपने गुर्गों के मार्फत हथियारों की खेप ड्रोन से भिजवाई है जो सीमांत क्षेत्र में ही कहीं डंप कर रखी है। मौका मिलने पर उसे ठिकाने लगाया जाना है। पता चला है कि उसमें एके टाइप के हथियार भी शामिल हैं। पुलिस उक्त खेप को बरामद करने के लिए कई बिंदुओं पर काम कर रही है। केंद्रीय एजेंसियों से भी इसके लिए सहायता ली जा रही है।
