चंडीगढ़: Sanjeev Arora ने 3 मई को आए भीषण तूफान के बाद Punjab State Power Corporation Limited के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर नुकसान का आकलन, बहाली कार्यों की समीक्षा और भविष्य की तैयारियों पर चर्चा की। बैठक में बताया गया कि Mohali, Patiala, Jalandhar, Ludhiana, Amritsar और Gurdaspur जिले तूफान से सबसे अधिक प्रभावित हुए। अधिकारियों ने बताया कि 66 केवी ट्रांसमिशन नेटवर्क अधिकतर सुरक्षित रहा, लेकिन वितरण व्यवस्था को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
तूफान के कारण करीब 1300 (11 केवी) फीडर खराब हो गए, लगभग 1500 बिजली के खंभे टूट गए, 300 से अधिक ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए और 70 किलोमीटर से ज्यादा एचटी/एलटी लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं। इसके अलावा 220 केवी का एक ट्रांसमिशन टावर भी क्षतिग्रस्त हुआ, जिससे करीब 8 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। हालांकि पीएसपीसीएल की टीमों ने दिन-रात काम करते हुए पूरे पंजाब में 83,000 से अधिक शिकायतों का निपटारा किया, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत शिकायतें दो घंटे के भीतर ही हल कर दी गईं, जबकि बाकी मामलों में बड़े बुनियादी ढांचे की मरम्मत के कारण अधिक समय लगा।
पीएसपीसीएल की लगातार निगरानी, रियल-टाइम समन्वय और फीडर गश्त के चलते 24 घंटे के भीतर मुख्य नेटवर्क और वैकल्पिक व्यवस्थाओं के जरिए बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी आपदा स्थितियों से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन प्रणाली मजबूत करने, निवारक रखरखाव बढ़ाने, बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने और उपभोक्ता शिकायत निवारण तंत्र को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन हालात में बहाली में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पंजाब सरकार राज्य के लोगों को विश्वसनीय, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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