नई दिल्लीः ईरान युद्ध के बाद से सबसे ज्यादा चर्चा तेल की हो रही है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद आखिरकार भारतीय तेल कंपनियों ने भी 15 मई से पेट्रोल-डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। वहीं दूसरी ओर अब सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर विंडफॉल गेन टैक्स को लेकर बड़ा फैसला लिया। केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाला विंडफॉल गेन टैक्स में बदलाव किया है।
वहीं रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस को जीरो कर दिया है। सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर 3 रुपये प्रति लीटर का अप्रत्याशित लाभ कर (Windfall Profit Tax) लगा दिया है, जबकि डीजल पर टैक्स घटाकर 16.5 रुपये प्रति लीटर और विमान ईंधन (ATF) पर टैक्स घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया। टैक्स की नई दरें 16 मई यानी आज से लागू हो गई हैं। वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा है कि पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर सड़क और अवसंरचना उपकर शून्य रहेगा। इसके अलावा, घरेलू खपत के लिए स्वीकृत पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पश्चिम एशिया संकट की शुरुआत के बाद पहली बार पेट्रोल पर 3 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Special Additional Excise Duty) लगाया गया है।
उधर, महाराष्ट्र सरकार ने एटीएफ पर वैट को 18 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये छूट 15 मई से अगले 6 महीने तक (14 नवंबर, 2026) लागू रहेगी। अधिकारी ने कहा कि राज्य के वित्त विभाग ने 14 मई को महाराष्ट्र मूल्य वर्धित कर (VAT) अधिनियम, 2002 के तहत इस संबंध में अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के अनुसार, “ये रियायत 15 मई से 14 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद सरकार द्वारा अवधि नहीं बढ़ाने या संशोधन नहीं किए जाने की स्थिति में पुरानी दर लागू हो जाएगी।”

