जालंधर, ENS: बीएसएफ हेडक्वार्टर के सामने 5 मई की रात हुए आईईडी ब्लास्ट करने वाले 28 साल के उमरुद्दीन उर्फ मिंटू और अनिल शर्मा को वीडियोग्राफी से कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट से दोनों का 10 दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट की ओर से दोनों दोषियों का पुलिस को 7 दिन का रिमांड दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ में अहम खुलासे हो सकते है। सूत्रों के अनुसार दोनों से पुलिस को कुछ सुराम भी मिले है। इसी के चलते वीडियोग्राफी के जरिए कोर्ट में पेशी के दौरान दोनों दोषियों का 10 दिन का रिमांड मांगा गया था।
बता दें कि दोनों दोषियों को पुलिस ने खुफिया विंग की इनपुट पर पकडा था। 28 वर्षीय उमरुद्दीन उर्फ मिंटू जीरकपुर के प्रभात नगर का निवासी उमरुद्दीन पेशे से टैक्सी चालक है। उसने बताया कि उसे पैसों का लालच दिया गया था। अमृतसर के रामतलाई चौक निवासी अनिल शर्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाला हैं। दोनों आरोपियों का दावा है कि अमृतसर विस्फोट से उनका कोई संबंध नहीं है। हालांकि पुलिस ने उनके मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मनीर खान 10वीं फेल है और इंस्ट्राग्राम के जरिये पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी के संपर्क में आया था। ब्लास्ट के बदले उमरुद्दीन उर्फ मिंटू को एक लाख मिले थे और पूछताछ में पता चला कि भट्टी ने बम मुहैया करवा ब्लास्ट करवाया था। पुलिस उमरुद्दीन उर्फ मिंटू को उस जगह लेकर गई थी, जहां से बम मिला था। यूपी के मुजफ्फरनगर के रहने वाला अनिल शर्मा एक एजेंसी का मुखबिर बताया जा रहा है और अनिल शर्मा भी भट्टी के टच में था। अनिल को धमाके के दौरान वीडियोग्राफी करते हुए लाइव दिखाने के लिए 50 हजार रुपए मिले थे।

