पठानकोटः अमेरिका के न्यूयार्क में घूमने गए पठानकोट के इंद्रा कालोनी के युवक की घोड़ा-गाड़ी से गिरकर मौत हो गई। मृतक की पहचान 18 वर्षीय रोमांच महाजन निवासी इंदिरा कॉलोनी के रूप में हुई है। रोमांच महाजन अपने माता-पिता के साथ न्यूयॉर्क शहर घूमने गए थे। इस दौरान उन्होंने सेंट्रल पार्क में घोड़ा-गाड़ी (हॉर्स कैरिज) की सवारी की। घटना तब हुई जब घोड़ा अचानक डर गया और गाड़ी समेत तेज़ी से भागने लगा, जबकि परिवार उसमें सवार था। परिवार के अनुसार, रोमांच अपनी मां की मदद करने की कोशिश कर रहा था और घोड़ा घाड़ी पलटने से वह हादसे का शिकार हो गया। हादसे के बाद वहां आसपास खड़े लोग तुरंत उसके पास पहुंचे और युवक को अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि बेकाबू घोड़ा बग्गी को घसीटते हुए ‘वेस्ट ड्राइव’ की तरफ भागा और मशहूर ‘टैवर्न ऑन द ग्रीन’ रेस्टोरेंट के पास दूसरी घोड़ा-गाड़ी से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बग्गी बीच सड़क पर ही पलट गई और रमन उछलकर कंक्रीट की सड़क पर जा गिरा, जिससे उसके सिर पर गहरी चोटें आईं। बताया जा रहा हैकि हादसे में प्रिया महाजन के हलकी चोटें आईं। लेकिन, रोमांच सिर के बल नीचे गिरा। जिससे उसके हेड इंजरी हुई। अस्पताल में 2 दिन उसका इलाज चला लेकिन, इंटरनल ब्लीडिंग के कारण उसकी जान चली गई। रोमांच के पिता दीपक महाजन पठानकोट में ऑप्युलेंस टूर के नाम से ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं।
दादा रमेश शहर में ज्वेलरी कारोबार चला रहे हैं। इसके इलावा दीपक का परिवार शहर में होटल, ज्यूलर्स कारोबार से जुड़ा है। रोमांच के निधन के बाद पठानकोट शहर में शोक की लहर है। रोमांच को घर में रकित के नाम से जाना जाता था। पढ़ाई में तेज रोमांच ने इसी साल डीपीएस (डल्हौजी) पब्लिक स्कूल से 12वीं 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए थे। जिसके बाद परिवार रोमांच को विदेश में पढ़ाई के लिए भेजने पर विचार कर रहा था। इस हादसे ने न्यूयॉर्क में पिछले 150 वर्षों से चल रहे घोड़ा-गाड़ी उद्योग पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पार्क की देखरेख करने वाली संस्था ‘सेंट्रल पार्क कंजर्वेंसी’ और पशु अधिकार संगठनों ने इस उद्योग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग तेज कर दी है। संस्था के प्रतिनिधियों का कहना है कि एक युवा हमारे पार्क का आनंद लेने आया था और उसने अपनी जान गंवा दी। अमेरिका के सबसे व्यस्त सार्वजनिक स्थलों में से एक के बीच इस पुरानी और असुरक्षित परंपरा को जारी रखने की कीमत किसी की जान देकर नहीं चुकाई जा सकती। संस्था ने कहा- हम ‘राइडर्स लॉ’ को पारित करने की मांग करते हैं, जिससे इन घोड़ा-गाड़ियों पर प्रतिबंध लगे और चालकों को वैकल्पिक रोजगार दिया जाए।
