Girl in a jacket
HomeGovernment Newsप्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों को मिलेगा पांच वर्षों तक...

प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों को मिलेगा पांच वर्षों तक 10,000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान : श्याम सिंह राणा

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

कहा, कृषि विभाग की 800 एकड़ भूमि पर 10 वर्षों तक की जाएगी प्राकृतिक /जैविक खेती

चंडीगढ़ : हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में प्राकृतिक और जैविक खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए ठोस और दूरगामी कदम उठा रही है। इस पहल का उद्देश्य न केवल किसानों की आय में वृद्धि करना है, बल्कि भूमि की उर्वरता को बनाए रखते हुए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग को भी कम करना है। उन्होंने बताया कि बदलते समय में उपभोक्ता भी स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं और जैविक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में हरियाणा सरकार किसानों को इस दिशा में प्रोत्साहित कर रही है ताकि उन्हें अपनी उपज का बेहतर बाजार मूल्य मिल सके।

उन्होंने जानकारी दी कि जो किसान प्राकृतिक या जैविक खेती अपनाएंगे, उन्हें अगले पांच वर्षों तक प्रति एकड़ प्रति वर्ष 10,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। हालांकि, इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपनी उपज का प्रमाणन पहले से ही Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (एपीडा) से करवाना अनिवार्य होगा, जिससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। राणा ने आगे बताया कि राज्य में कृषि विभाग के स्वामित्व वाली लगभग 800 एकड़ भूमि को भी इस योजना के तहत उपयोग में लाया जाएगा। यह भूमि केवल उन्हीं किसानों को पट्टे पर दी जाएगी, जो कम से कम 10 वर्षों तक उस पर प्राकृतिक या जैविक खेती करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। इस कदम से दीर्घकालिक रूप से जैविक खेती का एक मजबूत आधार तैयार होगा और किसानों को स्थायी लाभ मिलेगा।

कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि किसानों को प्रमाणन प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए राज्य स्तर पर ही एक अधिकृत संस्था विकसित की जा रही है। इसके तहत “हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी” को जैविक खेती के प्रमाणीकरण के लिए अधिकृत संस्था के रूप में नामित किया जाएगा। इससे किसानों को बाहर की एजेंसियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समय व लागत दोनों की बचत होगी। उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों—पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल—में प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में विशेष स्थान उपलब्ध करवाया जाएगा। इन मंडियों में उपज की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक प्रयोगशालाओं का भी निर्माण किया जाएगा, जिन्हें ” हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड” द्वारा विकसित किया जाएगा।

राणा ने कहा कि इन प्रयोगशालाओं के स्थापित होने के बाद, उपज के परीक्षण और प्रमाणीकरण के लिए एपीडा से मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी, जिसे हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी द्वारा संचालित किया जाएगा। इससे हरियाणा के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी की गुणवत्ता सुधार और लोगों को स्वस्थ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

- Advertisement -
Girl in a jacket

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -
Girl in a jacket

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -