नई दिल्ली : लखनऊ के हाई प्रोफाइल निजी अस्पताल मेदांता पर 4 दिन पहले मर चुके व्यक्ति के इलाज करने का आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा वीडियो भी वायरल हो रहा हैं। वायरल वीडियो में अस्पताल पर फर्जी उपचार के नाम पर 7.5 लाख वसूली का आरोप लगाया गया है।
इस वीडियो में अस्पताल में हंगामा करते हुए परिजन कह रहे हैं कि मरीज की मौत के बाद भी ICU में 4 दिनों तक फर्जी इलाज जारी रहा और वेंटिलेटर के नाम पर अस्पताल वसूली करता रहा। अब शव ले जाने के लिए फिर से लाखों का बिल थमा दिया गया हैं।
इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डॉक्टर या जल्लाद के नाम से हैशटैग करके ट्रेंड किया जा रहा हैं। उसमें लिखा है कि मेदांता अस्पताल लखनऊ में चार दिन पहले मरे हुए व्यक्ति को ICU में रखकर वसूली करते रहे। वीडियो वायरल होने के बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में रहा।
मरीज की स्थिति से परिजन थे अवगत
वही मेदांता लखनऊ निदेशक डा. राकेश कपूर ने आरोप को बेबुनियाद बताते हुए दावा किया कि परिजनों को मरीज की स्थिति के बारे में बता दिया गया था। 6 दिनों तक इलाज किया गया और मौत होने के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया।
