मथुराः 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम आज अपने भव्य और नव्य मंदिर में विराजमान होने वाले हैं। अयोध्या धाम के साथ ही कान्हा की नगरी भी उल्लासित है। सोमवार को योगिराज कृष्ण भी राम बनकर दर्शन दे रहे हैं। ठाकुर बांकेबिहारी स्वर्ण मुकुट धनुष बाण धारण कर भक्तों पर कृपा बरसा रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर ठाकुर केशवदेव राम बनकर दर्शन देंगे तो भागवत भवन में राधा-कृष्ण भी सियाराम के रूप में नजर आए।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सोमवार को मंदिर की छटा अद्भुत है। पीले गुब्बारों से मंदिर की सजावट के बाद शाम को रंगबिरंगे विद्युत प्रकाश से मंदिर जगमगाएगा। मंदिर चबूतरे पर गेट संख्या एक और दो के बीच खाली पड़े भाग में विशाल रंगोली सजाई है। मंदिर सेवायत आचार्य गोपी गोस्वामी ने बताया, ठाकुर बांकेबिहारीजी पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के भेष में जब सिर पर स्वर्ण मुकुट, रत्नजड़ित स्वर्ण रजत आभूषण धारण करके हाथ में चांदी का धनुष लिए भक्तों को दर्शन देंगे, तो भक्त निहाल हो उठेंगे।
कोलकाता के कारीगरों ने विशेष तौर पर बासंती पोशाक तैयार की है। इसे सोमवार को ठाकुर जी ने धारण किया। ठाकुर राधावल्लभलाल, ठाकुर राधासनेहबिहारी, राधादामोदर भी प्रभु श्रीराम के रूप में दर्शन दे रहे हैं। उधर, श्रीकृष्ण जन्मस्थान में पहली बार भागवत भवन में विराजे श्रीराधाकृष्ण युगल सरकार की छवि सियाराम के रूप में दर्शन दिए। जन्मस्थान के मंदिरों के भीतरी भाग को पत्र, पुष्प से सजाया है। भागवत भवन के चारों ओर केसरिया ध्वजा व भगवान श्रीराम की दिव्य छवि छवि लगाई हैं। दोपहर 12.15 बजे महाआरती है। ठाकुर केशव देव भी राम के रूप में दर्शन दे रहे हैं।
