चंडीगढ़ः कांग्रेस पार्टी इन दिनों अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पंजाब और हरियाणा में कांग्रेस में अंदरूनी कलह दिखाई दे रही है। इसी क्रम में हरियाणा कांग्रेस के नए प्रभारी चंडीगढ़ पहुंचे और प्रदेश के तमाम नेताओं को एक मंच पर लेकर आए। चंडीगढ़ में हरिया प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ऑफिस में नेताओं के भाषण हुए और नेताओं ने नए प्रभारी संजय सतीशचंद्रन दत्त का स्वागत किया। दरअसल, हरियाणा में कांग्रेस पार्टी 2024 के चुनाव में जीत की उम्मीद लगाकर बैठी थी, लेकिन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद पार्टी में गुटबाजी ने जोर पकड़ा और लंबे समय तक पार्टी नेता प्रतिपक्ष का फैसला ही नहीं कर पाई।
नए प्रभारी के बाद कांग्रेस पार्टी ने कल चंडीगढ़ में शक्ति प्रदर्शन किया और तमाम नेताओं को एक साथ मंच पर लेकर आई। इसके पार्टी की ओर से एकजुटता का संदेश माना जा रहा है। इस दौरान रणदीप सिंह सुरजेवाला और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की बीच माइक पर ही बातचीत हुई जिससे अब सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं कुमारी शैलजा का भाषण भी चर्चा का विषय बना हुआ है। रणदीप सुरजेवाला ने कांग्रेस पार्टी की लगातार हो रही हार को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘सत्ता में आए बिना सामाजिक बदलाव नहीं किया जा सकता। यह एक कड़वी सच्चाई यह है। एक सच्चाई यह भी है कि 56 साल में कांग्रेस पार्टी ने सिर्फ तीन चुनाव जीते हैं। हम इस बात को एक दूसरे को नहीं बोलते लेकिन पार्टी सिर्फ तीन चुनाव जीती है। जब तक हम इस बात को स्वीकार नहीं करेंगे तब तक कुछ नहीं होगा।’ रणदीप सुरजेवाला ने हुड्डा से मंच पर ही बातचीत करते हुए पुराने इतिहास को खंगाला।
रणदीप सिंब सुरजेवाला का भाषण खत्म होने के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मोर्चा संभाला। भूपेंद्र हुड्डा ने सुरजेवाला के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने हुड्डा का आशीर्वाद बनाने के लिए कहा था। इस कड़ी में हुड्डा ने कहा, ‘रणदीप सुरजेवाला तू मेरा साथ देदे फेर देख धमाका।’ इसके बाद पूरे हॉल में सभी लोग हंस पड़े। हालांकि, राजनीतिक मंचो पर जो दिखाई देता है उसके कई मायने भी निकलते हैं। कई राजनीतिक जानकार इसे हुड्डा और रणदीप सिंह सुरजेवाला के बीच जारी गुटबाजी के रूप में देख रहे हैं क्योंकि मंच से ही सुरजेवाला ने हुड्डा को जवाब देते हुए कहा, ‘मेरे को 20 साल हो गए आपका साथ देते हुए, अब आपकी बारी आ गई है मेरा साथ देने की हुड्डा साहब।’ कुमारी शैलजा ने भी इस बात पर सवाल उठाए की पार्टी सत्ता में क्यों नहीं आ रही है। कुमारी शैलजा ने कहा कि कुछ भी पर्मानेंट नहीं होता है, सिर्फ एक्स (पूर्व) ही पर्मानेंट होता है। शैलजा ने इस बात पर भी सवाल उठाए कि कुछ नेताओं ने नीचे तक कार्यकर्ताओं को इतना बांट दिया है कि कार्यकर्ता एक दूसरे को नमस्ते तक नहीं कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी चुनाव नहीं जीत सकती है।
उन्होंने बताया कि कब-कबा पार्टी चुनाव जीती है। सुरजेवाला ने कहा, ‘इस बात की जांच करनी होगी कि 56 साल में सिर्फ 3 चुनाव क्यों जीते। रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम कह देते हैं कि 60 विधायक आ गए लेकिन यह जीते क्यों नहीं।’ रणदीप सुरजेवाला ने दीपेंद्र सिंह हुड्डा का जिक्र किया और कहा कि वोट शेयर से फर्क नहीं पड़ता, 46 विधायक आए या नहीं यह बताओ। हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय से भूपेंद्र सिंह हुड्डा का प्रभुत्व रहा है। रणदीप सुरजेवाला और कुमारी शैलजा जैसे नेता उनके खिलाफ रहे हैं। कुलदीप बिश्नोई और किरण चौधरी जैसे नेता हुड्डा का विरोध करते-करते पार्टी छोड़ गए हैं। 2024 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की जीत तय मानी जा रही थी लेकिन पार्टी यह चुनाव भी हार गई। इसके पीछे भी गुटबाजी को एक प्रमुख वजह माना गया है।

