चंडीगढ/पंचकूलाः हरियाणा के DGP Ajay Singhal ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था, आतंकवाद से निपटने की रणनीति, पुलिस एनकाउंटर, कर्मचारियों की सुरक्षा और अन्य अहम मुद्दों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि पिछले कुछ समय में उनके डिपार्टमेंट का रिव्यू हो रहा है। मुख्यमंत्री सभी डिपार्टमेंट का रिव्यू कर रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उनके डिपार्टमेंट का अच्छे से रिव्यू लिया और पुलिस के टारगेट सेट करने के साथ मार्गदर्शन भी किया गया। इसी रिव्यू के बाद उन्होंने डिपार्टमेंट की मीटिंग रखी और नए टारगेट सेट करते हुए पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पुलिस डिपार्टमेंट के लिए साढ़े 700 करोड़ रुपए सेंशन किए हैं जो पुलिस डिपार्टमेंट के इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी मजबूत करेगा। यह पिछले 5 से 6 सालों के मुकाबले सबसे ज्यादा है और इससे उन्हें हरियाणा पुलिस को मजबूत करने में काफी सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस आतंकवाद और जासूसी जैसी गतिविधियों को बेहद गंभीरता से ले रही है। राज्य में आतंकवाद से जुड़े मामलों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड का गठन किया जा रहा है। इस विशेष यूनिट में प्रशिक्षित और अत्याधुनिक संसाधनों से लैस जवानों को शामिल किया जाएगा। एटीएस के तहत गुरुग्राम और पंचकूला में विशेष थाने स्थापित किए जाएंगे। आतंकवाद से संबंधित सभी मामलों को इन थानों में दर्ज किया जाएगा और भविष्य में एटीएस ही ऐसे मामलों की जांच और कार्रवाई को संभालेगी।
वहीं कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया को कथित धमकी मिलने के मामले पर डीजीपी ने कहा कि जिस व्यक्ति का नाम सामने आया है, वह मलोट का रहने वाला है और पहले विधायक का कार्यकर्ता रह चुका है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी, जो बाद में बहस में बदल गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इसी के साथ गुरमीत राम रहीत को मिलने वाली पैरोल के संबंध में पूछे गए सवाल पर डीजीपी ने कहा कि यह मामला जेल विभाग से संबंधित है और पैरोल देने या न देने का निर्णय संबंधित विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है।
वहीं डीजीपी ने बताया कि पिछले पांच महीनों के दौरान हरियाणा में 70 से अधिक पुलिस एनकाउंटर हुए हैं। इन कार्रवाइयों के दौरान 3 पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी है। अपराधियों के पैर में गोली लगने को लेकर उठते सवालों पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि केवल अपराधी ही घायल होते हैं, बल्कि पुलिसकर्मी भी अपनी जान जोखिम में डालकर कार्रवाई करते हैं और कई बार घायल भी होते हैं।
फतेहाबाद में एक कॉन्स्टेबल की हीट वेव के कारण हुई मौत का उल्लेख करते हुए डीजीपी ने कहा कि इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उन्होंने बताया कि 45 से 46 वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारियों को नाका ड्यूटी से हटाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा सभी कर्मचारियों का नियमित मेडिकल परीक्षण अनिवार्य किया गया है और उनकी मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डीजीपी ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए कूलर, ठंडे पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। जिन कर्मचारियों की स्वास्थ्य स्थिति ठीक नहीं है, उन्हें भी नाका ड्यूटी से हटाया जा रहा है ताकि भीषण गर्मी के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस अपराध नियंत्रण के साथ-साथ अपने जवानों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
