तरनतारनः पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के नेताओं का एक पार्टी से दूसरी पार्टी में शामिल होने का सिलसिला लगातार जारी है। वहीं आज शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के महासचिव इकबाल सिंह संधू ने प्रथम सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। विस हलका तरनतारन व खडूर साहिब से टिकट पर कई बार ताल भी ठोकी। 27 जून 2025 को आप के विधायक कश्मीर सिंह सोहल के देहांत के बाद उपचुनाव दौरान वह टिकट के दावेदार रहे। जबकि टिकट सुखविंदर कौर रंधावा को मिली।
बाद में रंधावा की बेटी कंचनप्रीत कौर रंधावा को हलका इंचार्ज लगाया गया। जिसके बाद इकबाल सिंह संधू ने अपनी सियासी सरगर्मी कम कर दी थी। सूत्रों की मानें तो इकबाल सिंह संधू अब आने वाले दिनों में किसी अन्य पार्टी में शामिल होंगे। उनका कहना है कि वर्करों की राय लेकर ही आगे का फैसला किया जाएगा। पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह के माध्यम से वर्ष 1996 में शिअद से जुड़े इकबाल सिंह संधू मूल रुप में गांव मथरेवाल से संबंधित हैं।
वह प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में गठबंधन की सरकार दौरान एसएस बोर्ड के सदस्य रहे हैं। बाद में वह जिले के युवा विंग के अध्यक्ष भी रहे। वह लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए थे व तरनतारन हलके से टिकट के प्रबल दावेदार रहे हैं। मरहूम सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा के हलके में दखल देने बदले उनको एक बार शिअद से निष्काशित कर दिया गया था। बाद में इकबाल सिंह संधू की शिअद में री-एंटरी हुई। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने उनको राष्ट्रीय महासचिव के अलावा वर्किंग कमेटी का सदस्य नियुक्त किया था।

