गुरदासपुरः पंजाब भर में घर-घर जाकर गणना करने की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया निरंतर तेजी से जारी है। 25 जून, 2026 को इसकी शुरुआत 16 दिनों के भीतर राज्य में 1 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण कर लिया गया है। राज्य के सभी घरों में 99.34 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण पहले ही पूरा किया जा चुका है, जो यह दर्शाता है कि पूरे प्रदेश के मतदाताओं तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित की गई है। वहीं एसआईआर को लेकर भाजपा की स्टेट सेक्रेटरी और दीनानगर विधानसभा क्षेत्र की इंचार्ज रेणु कश्यप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह कथित तौर पर ’20-25 हज़ार वोट कटवाने’ की बात कहती सुनाई दे रही हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद रेणु कश्यप ने अपना पक्ष रखकर सफाई दी। दरअसल, ये वीडियो दीनानगर में बीते दिनों हुए कार्यकर्ता सम्मेलन का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में रेणु कश्यप यह कहते हुए सुनी जा रही हैं, “SIR करवा लो, 20-25 हज़ार वोट कटवा लो और अपना विधायक बना लो।” यह बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। रेणु कश्यप ने अपने वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियों और शरारती तत्वों द्वारा इस वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई सार्वजनिक बयान नहीं था, बल्कि पार्टी के अंदरूनी कार्यकर्ताओं और सदस्यों के साथ एक निजी बैठक थी। उन्होंने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विधानसभा क्षेत्र के लोगों को वोट बनाने की प्रक्रिया के बारे में जागरूक करना था।
‘वोट काटने’ वाले बयान पर विस्तार से बताते हुए कश्यप ने कहा कि उनका इशारा केवल उन वोटों की ओर था जो गलत या गैर-कानूनी तरीके से, नियमों का उल्लंघन करके बनाए गए हैं। उन्होंने एक से ज़्यादा जगहों पर बने नकली वोटों को हटाने की बात कही और 20-25 हज़ार वोट काटे जाने के आंकड़े को पूरी तरह से खारिज किया। रेणु ने कहा कि ऐसे बयान में मॉडर्न टेक्नोलॉजी (AI) या वीडियो एडिटिंग के ज़रिए बयानों को काटने और छेड़छाड़ करने का पूरा डर रहता है। जिसकी वह जांच भी करवाएंगे। हालांकि इस वायरल वीडियो को लेकर दीनानगर के एसडीएम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरी तरफ, मामले को लेकर दीनानगर के एसडीएम गगनदीप सिंह ने ने कहा कि यह वीडियो उनके ध्यान में आया है। उन्होंने कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन इस वीडियो के असली होने की जांच कर रहा है। कि यह असली है या इसके साथ कोई छेड़छाड़ की गई है। इसके अलावा, एडमिनिस्ट्रेशन इस वीडियो के बारे में रेणु कश्यप से जवाब भी मांग रहा है। ताकि इसका असली मतलब समझा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस मामले पर कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। लेकिन वह सू मोटो नोटिस लेकर मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
