होशियारपुरः जिले के मुकेरियां इलाके में 3 दोस्तों द्वारा शौक के तौर पर शुरू किए गए काम को बुलंदियों तक ले जाने का मामला सामने आया है। दरअसल, स्ट्रक्चरल इंजीनियर ने अपने 2 साथियों के साथ गुड़ बनाने का काम शुरू किया था और अब वे देसी गुड़ बेचकर अच्छा-खासा मुनाफा कमा रहे हैं। उनका गुड़ अब देश-विदेशों तक भी बिक रहा है। इन दोस्तों ने मिलकर मुकेरियां के अलीपुर गांव के पास नेशनल हाईवे पर गुड़ निकालने के लिए एक मिल लगाई है। उन्होंने यह काम शौक के तौर पर शुरू किया था, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि शौक के तौर पर शुरू किया गया यह काम उन्हें इतना अच्छा मुनाफा देगा।
जानकारी देते संदीप सिंह ने बताया कि वह एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर है और उनके 2 दोस्त हैं—जिनमें से एक सुरजीत सिंह हैं, जो दसूहा से रिटायर्ड ट्रेजरी ऑफिसर हैं और एक जसवंत सिंह हैं, जो सिंध बैंक, मुकेरियां से रिटायर्ड सीनियर मैनेजर हैं। उन्होंने शौक के चलते गुड़ बनाना शुरू किया था। उनकी मिल मुकेरियां में अलीपुर के पास नेशनल हाईवे पर स्थित है। उन्होंने अपने इस गुड़ का नाम ‘Punjabi Belna.Com’ रखा है। उन्होंने बताया कि पहले साल उन्हें कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब वह अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
पहले ही साल में लोगों से इतना प्यार मिला कि उन्होंने पूरे देश और विदेश से गुड़ और शकर के ऑर्डर मिलने लगे और यह मांग इतनी बढ़ गई कि हम गुड़ और चीनी की पूरी आपूर्ति भी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजकल लोग शुद्ध, देसी और साफ-सुथरी खाने की चीजें ढूंढ रहे हैं, लेकिन आज के जमाने में शुद्ध खाने की चीजें मिलना बहुत मुश्किल है। इसी के चलते उन्होंने सोचा कि वह लोगों को शुद्धा और बढ़िया क्वालिटी का गुड़ मुहैया करवाएंगे। इसी सोच के साथ उन्होंने अपना ब्रांड खोल दिया।
उन्होंने काम खोलने से पहले कृषि विशेषज्ञों से सलाह ली, जिसके बाद यह मिल शुरू की गई। उन्होंने बताया कि कृषि विशेषज्ञों ने उनके हर सवालों का अच्छे से जवाब दिया और उन्हें हर मदद मुहैया करवाने का भी आश्वासन दिया गया। इसी के साथ उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए मेलों में भी अपनी कार्ट लगाई थी जिसमें डीसी ने उनके गुड़ को काफी पंसद किया था। उन्होंने बताया कि वह अपनी मिल में साफ-सफाई का खास ध्यान रखते हैं और गन्ने को 48 घंटों के अंदर ही प्रोसेस कर लिया जाता है। उन्होंने कभी मुनाफे के बारे में नहीं सोचा वह बस अपने पंजाबी भाइयों को अच्छा गुड़ देना चाहते थे, ताकि बाजार में मिलने वाले घटिया गुड़ या चीनी को खाने से उनके स्वास्थ्य को कोई नुकसान न पहुंचे। आज उन्हें पूरी दुनिया से गुड़ के ऑर्डर मिल रहे हैं, उनके द्वारा बनाया जा रहा गुड़ भारत के हर हिस्से में जा रहा है, जिससे वह तीनों दोस्त बहुत खुश हैं।
उन्होंने बताया कि चीनी वाले गुड़, सादी चीनी, नारियल चीनी और ड्राई फ्रूट गुड़ के अलावा, वह शुद्ध शहद और घर की बनी हल्दी भी बेचते हैं। इसके अलावा, वह खास तौर पर कश्मीर से मक्के का आटा मंगवाते हैं और उसे अपनी गाड़ी पर बेचते हैं। उन्होंने किसान भाइयों से यह भी अपील की है कि अब हर किसान के लिए कुछ अलग करने का समय आ गया है। वह एक ही फसल चक्र में न फंसे और नए प्रयोग करके कुछ अलग करें। उन्हें अपनी उपज को खुद प्रोसेस करके बेचना चाहिए। इससे उनका नुकसान कम होगा और वे अच्छा मुनाफा कमा सकेंगे।
