होशियारपुरः जिला के टांडा उड़मुड सिविल अस्पताल में गुंडागर्दी का नंगा नाच देखने को मिला। जहां, बीती रात 2 पक्षों के बीच मामूली कहासुनी हुई थी। इसके चलते एक पक्ष पहले ही अस्पताल में दाखिल हो गया, जबकि दूसरा पक्ष देर शाम वहां पहुंचा और आते ही पहले पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि करीब आधे घंटे दोनों पक्षों में झड़प होती रही। वहीं अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि इस घटना के दौरान सरकारी संपत्ति की भी तोड़फोड़ की गई है। अस्पताल स्टाफ के मुताबिक एक युवक के पास पिस्तौल भी थी, जिसकी वीडियो अस्पताल के कैमरों में कैद है। उन्होंने पुलिस से मामले में उचित कार्रवाई करने और उन्हें गार्ड मुहैया करवाने की मांग की है।
जानकारी देते पीड़ित जगतार सिंह ने बताया कि वह गांव नंगल खुंगा के निवासी है। उनके गांव के मोनी के साथ घर में मोटरसाइकिल खड़ा करने को लेकर झगड़ा हुआ था जिसके बाद वह जब खेतों की ओर जा रहा था कि परमिंदर सिंह उर्फ मोनी ने कुछ लोगों को साथ लेकर उस पर हमला कर दिया। इस दौरान लोगों ने उनको छुड़वाया और वह सिविल अस्पताल दाखिल हो गया। इस घटना के बाद मोनी फिर भी नहीं हटा और वह हथियारों के साथ कुछ युवकों को साथ लेकर आया और अस्पताल में उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने उन्हें बुरी तरह पीटा जिससे वह गंभीर घायल हो गया। उन्होंने मांग की कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सिविल अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि उनके पास गुरजंट पुत्र जगतार सिंह नाम का मरीज आया था जिनको दाखिल कर दिया था। कुछ देर बाद परमिंदर सिंह पुत्र गुरदीप सिंह वासी गांव सुईया आए थे जिन्हें उन्होंने दाखिल होने की सलाह दी, लेकिन वह दाखिल नहीं हुई। बाद में परमिंदर सिंह रात को कुछ अन्य युवकों के साथ हथियारों सहित अस्पताल में आए और गुरजंट सिंह के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। इस दौरान एक युवक के पास पिस्तौल भी थी। हमलावरों ने अस्पातल परिसर में दहशत का माहौल फैलाया और तोड़फोड़ भी की। इस दौरान उनके स्टाफ की एक महिला भी झगड़े में घायल हुई है। डॉक्टर ने पुलिस से मांग की कि उनके अस्पताल में 2 गार्ड तैनात किए जाएं और आरोपियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि दोबारा इस तरह की घटना न हो सके और वह बिना डर के अपनी ड्यूटी कर सकें।
