चंडीगढ़: हरियाणा के उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने और प्रदेश के निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से मंगलवार को गुरुग्राम में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यशाला को संबोधित करते हुए अगले पांच वर्षों में प्रदेश का निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य रखा। वहीं हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने होटल ग्रैंड हयात में ‘लेवरेजिंग एफटीए – आउटरीच प्रोग्राम’ का शुभारंभ किया।
कार्यशाला में भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के माध्यम से हरियाणा के उद्योगों, एमएसएमई और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में उपलब्ध अवसरों तथा निर्यात विस्तार की रणनीतियों पर चर्चा की गई। कार्यशाला का आयोजन हरियाणा सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) निदेशालय द्वारा भारत सरकार के वाणिज्य विभाग, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) तथा इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यशाला से जुड़े सभी निर्यातकों, उद्यमियों और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा हरियाणा ने 1 नवंबर को अपनी स्थापना के 60 गौरवशाली वर्ष पूरे किए हैं। इन छह दशकों में प्रदेश के किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों ने अपनी मेहनत से हरियाणा को कृषि एवं उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है।
डॉ. अमित के. अग्रवाल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि एफटीए से हरियाणा के उद्योगों और निर्यातकों को वैश्विक बाजार में नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में आयोजित यह कार्यशाला एक व्यापक पहल की शुरुआत है। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में उत्पाद एवं सेक्टर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि निर्यातकों की जरूरतों और समस्याओं को समझकर उन्हें मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का अधिकतम लाभ दिलाया जा सके। साथ ही प्रत्येक जिले की निर्यात विकास योजना भी तैयार की जाएगी।
