चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में नई एकीकृत लाइसेंसिंग नीति (एनआईएलपी)-2022 के खंड 9.2 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत परियोजनाओं के पूरा होने और लाइसेंस के नवीनीकरण से जुड़े प्रावधानों में संशोधन किया गया है।
संशोधित प्रावधान के अनुसार, परियोजनाओं को पाँच वर्षों के भीतर पूरा करना होगा। यदि कोई परियोजना इस अवधि के भीतर पूरी नहीं होती है, तो उसके लाइसेंस का नवीनीकरण, लागू लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क के भुगतान पर हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन नियम, 1976 के नियम 13 के अनुसार किया जाएगा।
यह संशोधन एनआईएलपी कॉलोनियों के लाइसेंस नवीनीकरण को ग्रुप हाउसिंग कॉलोनियों के समान बनाता है। इसके तहत उस मौजूदा प्रावधान को प्रतिस्थापित किया गया है, जिसके तहत परियोजनाओं को सात वर्षों में पूरा करने का प्रावधान था। इसमें पाँच वर्ष की प्रारंभिक लाइसेंस वैधता और दो वर्ष का नवीनीकरण शामिल था, जिसके बाद नवीनीकरण के लिए लाइसेंस शुल्क के 100 प्रतिशत का भुगतान अपेक्षित था।
यह संशोधित प्रावधान अंतिम अधिसूचना की तिथि से प्रभावी होगा और सभी मौजूदा लाइसेंसों पर भी लागू होगा।
