मानसाः दलजीत सिंह की शव को लेकर हुए विवाद के दौरान पुलिस मुलाजिमों को घायल करने के मामले में किसान नेता लक्खा सिधाना और मोहनीत शेरों का आज रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया गया। दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने आरोपियों का 10 दिन का रिमांड मांगा। पुलिस की ओर से दलील दी गई कि लक्खा सिधाना से उसका मोबाइल फोन बरामद करवाना है। लेकिन अदालत ने पुलिस की मांग को मंजूर नहीं किया और दोनों आरोपियों को सिर्फ एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
मानसा में दलजीत सिंह की लाश को धरना स्थल पर ले जाने के दौरान हुए विवाद में कई पुलिस मुलाजिम घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसके बाद लक्खा सिधाना और मोहनीत शेरों को भी इस मामले में नामजद किया गया।
आज रिमांड खत्म होने पर दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। इस दौरान पुलिस ने अदालत से 10 दिन का रिमांड मांगा और कहा कि लक्खा सिधाना से उसका मोबाइल फोन बरामद करवाना है। हालांकि, अदालत ने दोनों को केवल एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए।
वहीं, लक्खा सिधाना के वकीलों की ओर से अदालत में एक अर्जी दाखिल की गई, जिसमें कहा गया कि सिधाना की सेहत ठीक नहीं है और उसे सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया जाए। इस पर अदालत ने पुलिस को उसके स्वास्थ्य की जांच सरकारी अस्पताल में करवाने के निर्देश दिए।
फिलहाल, अदालत के आदेशों के बाद पुलिस दोनों आरोपियों से एक दिन के रिमांड के दौरान पूछताछ करेगी। मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई है।
