चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुजरात के उद्योगपतियों और उद्यमियों से हरियाणा में अपने कारोबार का विस्तार करने का आह्वान करते हुए कहा कि गुजरात की उद्यमशीलता और हरियाणा का मजबूत औद्योगिक आधार मिलकर दोनों राज्यों के लिए विकास और निवेश के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। हरियाणा सरकार का उद्देश्य निवेशकों को केवल निवेश का आमंत्रण देना नहीं, बल्कि उनके कारोबार के अगले विकास चरण में एक विश्वसनीय साझेदार बनना है।
मुख्यमंत्री बुधवार को गुजरात दौरे के दूसरे दिन गांधीनगर में आयोजित इन्वेस्टर रोड-शो में उपस्थित बिजनेस लीडर्स को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में नई विनिर्माण इकाइयां, कार्यालय, गोदाम और तकनीकी केंद्र स्थापित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। गुजरात के उद्यमी अपने कारोबारी विस्तार की योजनाओं में हरियाणा को शामिल करें और प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों का अध्ययन कर अपनी जरूरतों के अनुरूप निवेश की संभावनाएं तलाशें।

उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग के लिए बाजार तक पहुंच, परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला और समय पर उत्पादों की डिलीवरी महत्वपूर्ण होती है। हरियाणा की कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय राजधानी के निकटता इन जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही कारण है कि राज्य विनिर्माण के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, तकनीकी सेवाओं और कॉर्पोरेट संचालन के लिए भी आकर्षक विकल्प बन रहा है।

उन्होंने गुजरात के उद्यमियों से इस औद्योगिक नेटवर्क का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियों के निवेश से केवल प्रत्यक्ष रोजगार ही पैदा नहीं होते, बल्कि स्थानीय सप्लायरों, छोटे उद्योगों, परिवहन, पैकेजिंग, रखरखाव और तकनीकी सेवाओं के लिए भी नए अवसर बनते हैं। हरियाणा सरकार चाहती है कि निवेश का लाभ प्रदेश के युवाओं, कामगारों और छोटे उद्यमियों तक पहुंचे तथा स्थानीय उद्योगों को बड़ी औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ने का अवसर मिले।

उद्योग मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसी नीति तैयार करने का प्रयास किया है, जिसमें निवेशकों को बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन मिल सकें। इस नीति की विशेषता यह है कि इसे तैयार करते समय उद्योगपतियों से भी सुझाव लिए गए, ताकि उनकी वास्तविक जरूरतों और व्यावहारिक समस्याओं को समझकर उनका समाधान किया जा सके।
