चंडीगढ़: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी 5 नवंबर को अम्बाला छावनी में निर्मित शहीद स्मारक का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद में गांधी ग्राउंड में कार्यकर्ताओं की बड़ी रैली होगी। उन्होंने कहा इस रैली एवं शहीदी स्मारक कार्यक्रम में पहुंचना लोगों के लिए बड़ी बात है। सरकार के आदेशानुसार हरियाणा के स्कूलों व शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यह शहीद स्मारक अवश्य दिखाया जाएगा ताकि युवाओं को यह पता चल सके कि सन 1857 में मेरठ से पहले अम्बाला में स्वतंत्रता संग्राम शुरू हुआ था। उन्होंने लोगों का आह्वान् किया कि आयोजित रैली में भारी संख्या में पहुंचे। विज बुधवार को अम्बाला शहर के क्लब में शहीद स्मारक कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक निर्माण को लेकर वह पिछले 25-30 वर्षों से प्रयास करते आ रहे हैं। अब तक किताबों में यही पढ़ाया गया कि आजादी की लड़ाई कांग्रेस ने लड़ी, मगर कांग्रेस के जन्म से भी पहले 1857 में एक आजादी की लड़ाई सशस्त्र पूरे हिंदुस्तान में लड़ी गई जिसकी शुरूआत अम्बाला से हुई। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों से पता चलता है कि 1857 में मेरठ से दस घंटे पहले नौ बजे अम्बाला छावनी में 60वीं और 5वीं नेटिव इंफेंटरी ने आजादी की लड़ाई का बिगुल बजा दिया था।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि 1857 में सारे देश में आजादी की पहली लड़ाई हुई जिसे कभी किसी ने याद नहीं किया और कहीं कोई स्मारक नहीं बनाया, जहां इस लड़ाई को प्रदर्शित किया जा सके। स्मारक निर्माण के लिए विधानसभा में कई बार कांग्रेस सरकार को मजबूर किया, मगर स्मारक नहीं बनाया। सन् 2014 में भाजपा सरकार आई तो राष्ट्रीय स्तर का स्मारक बनाने की मंजूरी मिली।
उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक में 68 मीटर ऊंचा कमल के फूल आकार का मेमोरियल टॉवर बनाया है जिसमें दो हाई स्पीड लिफ्ट लगी है। कमल के फूल के अंदर भी संग्राहलय बनाया गया है जोकि आकर्षण का केंद्र होगा। स्मारक में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक गैलरी भी बनाई गई है जिसमें जाने वाले का पूरा रिकार्ड डिजिटल होगा।
