मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में 14 अक्टूबर 2026 को जिला अदालत ने सजा का ऐलान किया। मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाए जाने की खबर सामने आई है। इस मामले में करीब 13 महीने तक सुनवाई चली। इस दौरान अदालत में 127 तारीखें पड़ीं और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों दोषियों को सख्त सजा सुनाई।
इस हत्याकांड ने साल 2025 में पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। हत्या के बाद शव के टुकड़े करके उन्हें नीले ड्रम में डालने और सीमेंट से बंद करने की बात सामने आने के बाद मामला काफी चर्चा में रहा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी
सजा सुनाए जाने से पहले बुधवार सुबह अदालत ने दोनों दोषियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। जज ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला से पूछा कि क्या वे सजा सुनाए जाने से पहले कुछ कहना चाहते हैं। दोनों ने अपनी ओर से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत ने सजा सुनाई।
बताया गया है कि दोनों दोषी मेरठ के चौधरी चरण सिंह कारागार में बंद हैं।
क्या है सौरभ राजपूत हत्याकांड
यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था। सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी में काम कर चुके थे और विदेश में रहते थे। वह अपनी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और बेटी के साथ समय बिताने के लिए भारत आए थे। आरोप था कि सौरभ की पत्नी मुस्कान का साहिल शुक्ला के साथ प्रेम संबंध था। सौरभ को इस रिश्ते की जानकारी हो गई थी। पुलिस की जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या की योजना बनाई।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए एक बड़े नीले ड्रम का इस्तेमाल किया गया था। शव के टुकड़ों को ड्रम में रखकर ऊपर से सीमेंट डाल दिया गया था, ताकि किसी को हत्या का पता न चले।
3 मार्च 2025 की रात हुई थी हत्या
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, सौरभ फरवरी 2025 के आखिरी सप्ताह में विदेश से मेरठ लौटे थे। इसी दौरान उन्हें अपनी पत्नी और साहिल के संबंधों के बारे में पता चला। आरोप है कि 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने सौरभ के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। इसके बाद सौरभ के बेहोश होने पर साहिल को घर बुलाया गया।
बताया गया कि इसके बाद दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को बाथरूम में ले जाकर उसके टुकड़े किए गए।
इसके बाद शव के टुकड़ों को छिपाने के लिए नीला ड्रम, सीमेंट और बालू खरीदे गए। दोनों ने शव के टुकड़ों को ड्रम में रखा और उसमें सीमेंट का घोल भर दिया। उनका मकसद शव को छिपाना और हत्या की जानकारी बाहर आने से रोकना था।
हत्या के बाद बेटी को मायके छोड़कर घूमने गई मुस्कान
इस मामले में यह बात भी सामने आई कि हत्या के बाद मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ घूमने चली गई थी। बताया गया कि दोनों शिमला और मनाली गए और करीब 13 दिनों तक वहां रहे। इस दौरान मुस्कान पर आरोप था कि उसने सौरभ के फोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया, ताकि लोगों को लगे कि सौरभ जीवित हैं।
उसने परिवार के लोगों को यह भी बताया था कि वह सौरभ के साथ घूमने जा रही है। इस तरह उसने कुछ समय तक परिवार को गुमराह करने की कोशिश की।
हिमाचल प्रदेश से लौटने के बाद जब बेटी ने अपने पिता से मिलने की जिद की, तो मुस्कान ने परिवार के सदस्यों को बताया कि सौरभ को अचानक विदेश वापस जाना पड़ा है। हालांकि, परिवार के लोगों को उसकी बातों पर शक होने लगा। बेटी का बार-बार पिता के बारे में पूछना और परिवार के सदस्यों के सवालों ने मामले को और संदिग्ध बना दिया।
18 मार्च 2025 को हुआ हत्याकांड का खुलासा
सौरभ राजपूत की हत्या का मामला 18 मार्च 2025 को सामने आया। बताया गया कि सौरभ का भाई राहुल उनके घर पहुंचा था। घर में साहिल की मौजूदगी और वहां से आ रही अजीब दुर्गंध के कारण राहुल को शक हुआ। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान जब नीले ड्रम को खोला गया, तो उसके अंदर सौरभ के शव के टुकड़े मिले। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मुस्कान रस्तोगी तथा साहिल शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। शव मिलने के बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। हत्या के तरीके और शव को छिपाने की कोशिश ने लोगों को हैरान कर दिया था।
