धर्म: वृंदावन के प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो इन दिनों काफी चर्चा में है। इस वीडियो को देखने के बाद काफी लोग प्रेमानंद महाराज की तारीफ कर रहे हैं वहीं कुछ लोगों ने उनको ट्रोल करना भी शुरु कर दिया है। बता दें कि यह वीडियो कुछ समय पहले का है परंतु उनके शिष्य दीपक लोधी की संदिग्ध हालातों में मौत होने के बाद यह वीडियो फिर से वायरल हो रहा है। प्रेमानंद महाराज के दरबार में कई भक्त उनसे बातचीत करने और अपनी मुश्किलों का हल लेने के लिए आते हैं। कुछ समय पहले ही उनके दरबार में एक शख्स आया था। उस शख्स ने उनसे पूछा कि महाराज जी आपका जन्म ही क्यों हुआ है?
मैं अजन्मा हूं
इस सवाल का जवाब देने से पहले प्रेमानंद महाराज हंस पड़े। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि – ‘यह सपना है मैं अजन्मा हूं हमारा जन्म ही नहीं हुआ है मेरा होना भी सच नहीं है मैं निर्विकार हूं मैं विकारी जैसे शरीर को स्वीकार करने के कारण विकारी जैसा दिखता हूं। जन्म-मरण युक्त शरीर को स्वीकार करने के कारण जन्म-मरण वाला दिखाई देता हूं पर वास्तव में मैं अजन्मा हूं मैं निर्विकार हूं’।
इसके बाद लोगों के बीच में बैठे हुए प्रेमानंद महाराज के शिष्य ने पूछा कि – ‘क्या हम आपको सपने में देख रहे हैं’ तो इस पर महाराज ने जवाब दिया कि – ‘ये प्रेमानंदधारी शरीर स्वाप्निक है। यह सच नहीं है, न था और न ही रहेगा। कुछ समय के बाद यह एक सपने की तरह मिट जाएगा परंतु मेरा अस्तित्व था मेरा अस्तित्व है और मेरा अस्तित्व रहेगा’।
सूर्य तो एक ही रहेगा
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि – ‘हजारों प्रतिबिंब पड़ रहे हैं तो हजारों सूर्य पैदा थोड़ी हो गए हैं। सूर्य तो एक ही रहेगा पानी से भरे हुए घड़ो में सूर्य का प्रतिबिंब दिखाई देता है। यदि घड़ों का नाश हो गया तो सूर्य कहां मिट गया वो तो अविनाशी चमक रहा है’। इस पर प्रेमानंद के शिष्य ने बोला कि – ‘हम आपके स्वरुप से बात कर रहे हैं। इस पर प्रेमानंद महाराज थोड़ा मुस्कुराकर बोले अब समझ सको तो समझ जाओ नहीं तो इसको अनुभव के जरिए ही समझ सकते हैं। वाणी के द्वारा नहीं यह समझने के लिए साधक को उस स्थिति में आना पड़ेगा नहीं तो इस र्निविकार को समझ पाना मुश्किल है’।
