सेहत: बदलते मौसम में गले में कफ जमना एक आम समस्या है। यह समस्या सर्दी-जुकाम, एलर्जी या फिर सांस की नली में संक्रमण के कारण हो सकती है। जब गले में बलगम जमती है तो बार-बार गला साफ करने की जरुरत पड़ जाती है। इसके अलावा खांसी, गले में खराश, भारीपन और कुछ निगलने में दिक्कत भी होती है। कई बार सुबह उठने पर भी गले में कफ ज्यादा जमा हुआ लगता है। इससे बोलने में भी दिक्कत होती है। ऐसे में कुछ घरेलू उपायों की मदद से भी आप गले को आराम देकर बलगम बाहर निकाल सकते हैं।
भाप और शहद आएगा काम
अगर आपकी नाक बंद है या फिर गले में बलगम हो तो साफ ह्यूमिडिफायर से कमरे की हवा में नमी रखें। इससे भी आपको आराम मिलेगा। इसके अलावा उबलते पानी के बर्तन से सीधे भाप न लें। इससे जलन हो सकती है। खांसी के साथ यदि गले में दिक्कत हो रही है तो एक साल से बड़े लोग थोड़ा सा शहद ले सकते हैं। एक साल से यदि आपका बच्चा छोटा है तो उसको शहद न दें। ध्यान रखें कि ये उपाय सिर्फ लक्षण कम करने में मदद करेगा।
गुनगुना पानी आएगा काम
दिनभर भरपूर मात्रा में पानी पीना सही रहेगा। गुनगुना पानी आपके गले को आराम देगा। कप को पतला करने में मदद करेगा और कफ आसानी से निकल जाएगा। इसके अलावा सूप या फिर दूसरी गुनगुनी चीजें भी ले सकते हैं। यदि गले में खराश हो रही है तो एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ा नमक डालकर गरारे करें। इसके बाद में पानी थूक दें। छोटे बच्चे को भी यदि कफ हो रहा है तो उसे भी गरारे करवा सकते हैं। यदि वे सुरक्षित तरह से कर पाए।
ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से करें संपर्क
अगर आपको कफ के साथ-साथ सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या फिर खून आ रहा है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। तेज बुखार, खांसी में यदि कई दिनों तक आराम नहीं मिल पा रहा तो भी एक बार डॉक्टर को जरुर दिखाएं। धूम्रपान और धुएं से दूरी बनाएं। इससे गले और सांस की नली में जलन बढ़ जाएगी। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या कफ निकलाने वाली दवाई न लें। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस की बीमारी वाले लोगों को भी लक्षण नजरअंदाज नहीं करने चाहिए।
