Health Tips: अजवाइन ज्यादातर घरों की रसोई में आसानी से मिल जाती है। यह एक मसाला है, जिसका इस्तेमाल खाना बनाने के साथ-साथ कई घरेलू नुस्खों में भी किया जाता है। आयुर्वेद में अजवाइन के बीजों का इस्तेमाल औषधि के रूप में भी किया जाता है। इसे मसाले, चूर्ण, काढ़े और अजवाइन के पानी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
आचार्य बाल कृष्ण के मुताबिक, अजवाइन कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में फायदेमंद हो सकती है। खासकर पेट और पाचन से जुड़ी परेशानियों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। कहा जाता है कि अजवाइन भारी खाना पचाने में भी मदद करती है।
सीने की जलन और एसिडिटी में मदद
ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना खाने के बाद कई लोगों को सीने में जलन या एसिडिटी की समस्या होने लगती है। ऐसे में अजवाइन का इस्तेमाल किया जाता है। मूल नुस्खे के अनुसार, 1 ग्राम अजवाइन और 1 बादाम की गिरी को अच्छी तरह चबाकर या पीसकर खाने की सलाह दी गई है। इससे सीने की जलन में राहत मिलने की बात कही गई है।
पेट से जुड़ी समस्याओं में अजवाइन
जिन लोगों को अक्सर पेट से जुड़ी परेशानियां रहती हैं, उनके लिए भी अजवाइन का इस्तेमाल बताया गया है। इसके लिए 1 हिस्सा अजवाइन, आधा हिस्सा काली मिर्च और सेंधा नमक लेकर इन्हें अच्छी तरह पीस लें। तैयार चूर्ण की 1 से 2 ग्राम मात्रा गुनगुने पानी के साथ सुबह और शाम लेने की सलाह दी गई है।
पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
अजवाइन को पाचन तंत्र के लिए भी उपयोगी माना जाता है। जिन लोगों को खाना पचाने में परेशानी होती है, वे अजवाइन से बने चूर्ण का इस्तेमाल करते हैं। मूल सामग्री में अजवाइन, सेंधा नमक, काली मिर्च, काला नमक और यवक्षार को मिलाकर चूर्ण बनाने की विधि बताई गई है। इसमें नींबू का रस और कच्चे पपीते का दूध मिलाकर तैयार करने की प्रक्रिया भी दी गई है। करीब एक महीने बाद तैयार चूर्ण को पानी के साथ लेने की बात कही गई है।
खट्टी डकार और पेट की गुड़गुड़ाहट में उपयोग
बाहर का खाना खाने के बाद कई बार खट्टी डकारें, पेट में गुड़गुड़ाहट और पेट दर्द जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे में भी अजवाइन के इस्तेमाल का घरेलू नुस्खा बताया गया है। मूल सामग्री के अनुसार, अजवाइन को गौमूत्र में भिगोकर कुछ दिनों तक छाया में सुखाने और फिर 1 से 2 ग्राम की मात्रा में लेने की सलाह दी गई है। इसे जलोदर, खट्टी डकार, पेट दर्द और पेट में गुड़गुड़ाहट जैसी समस्याओं में फायदेमंद बताया गया है।
पेट दर्द और मरोड़ में राहत
पेट दर्द होने पर अजवाइन को सेंधा नमक, हरड़ और सोंठ के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने का नुस्खा भी बताया गया है। इन सभी चीजों को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण तैयार किया जाता है और 1 से 2 ग्राम चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लेने की बात कही गई है। इसके अलावा, पेट में मरोड़ या दर्द होने पर दिव्यधारा की कुछ बूंदें बतासे में डालकर देने का भी उल्लेख है।
पेट फूलने की समस्या में अजवाइन
पेट दर्द और पेट फूलने जैसी समस्या में भी अजवाइन से बने चूर्ण का इस्तेमाल बताया गया है। इसके लिए अजवाइन, छोटी हरड़, घी में भुनी हींग और सेंधा नमक को मिलाकर चूर्ण तैयार किया जाता है। मूल नुस्खे में इस चूर्ण की 2 ग्राम मात्रा गुनगुने पानी के साथ दिन में तीन बार लेने की बात कही गई है।
ध्यान रखें
अजवाइन एक सामान्य मसाला है, लेकिन ऊपर बताए गए सभी नुस्खे हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित या उपयुक्त हों, यह जरूरी नहीं है। खासकर गौमूत्र, दिव्यधारा या किसी मिश्रित औषधीय चूर्ण का सेवन डॉक्टर या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। लगातार पेट दर्द, गंभीर एसिडिटी या अन्य समस्या होने पर डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है।