सेहत: कई लोग ऐसा मानते हैं कि जो लोग क्रिकेट खेलते हैं या फिर जिम में जाते हैं या नियमित तौर पर एक्सरसाइज नहीं करते उनमें दिल संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है पर कभी-कभी खेलते या फिर एक्सरसाइज करते समय किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ने की खबर सामने आ जाती है। ऐसे में सवाल आता है कि क्या फिजिकल एक्टिविटी करने के बाद भी दिल पर दबाव क्यों पड़ता है? बता दें कि एक्सरसाइज शरीर के लिए जरुरी है पर बहुत ज्यादा मेहनत पहले से मौजूद दिल की बीमारियां या फिर कुछ दूसरी परिस्थितियों में अचानक दिक्कत बढ़ सकती है। ऐसे में शरीर के संकेतो को समझते हुए अपनी क्षमता के हिसाब से एक्सरसाइज जरुरी है।
दिल पर बढ़ेगा दबाव
क्रिकेट खेलते समय, दौड़ते समय या फिर जिम में भारी एक्सरसाइज करते हुए शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की जरुरत पड़ती है। शरीर इस ऑक्सीजन को पूरा करने के लिए तेजी के साथ धड़कता है। इससे शरीर में खून का प्रवाह बढ़ जाता है। वैसे तो यह शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया ही होती है परंतु यदि किसी व्यक्ति को पहले से ही दिल की बीमारी, धमनियों में रुकावट या फिर कोई दूसरी समस्या हो तो ज्यादा मेहनत करने से दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है। कुछ मामलों में यह स्थिति गंभीर समस्या का कारण बन सकती है।
कई बार किसी व्यक्ति को दिल से जुड़ी समस्याओं का पता नहीं चलता है। खासतौर पर युवाओं में जेनेटिक्स दिल की समस्याएं लंबे समय तक बिना किसी साफ लक्षण के रहेगी। ऐसे में यदि व्यक्ति ज्यादा देर तक मेहनत या एक्सरसाइज करता है तो समस्या सामने आ सकती है। इसका अर्थ नहीं है कि क्रिकेट या फिर जिम करने से सामान्य व्यक्ति को हार्ट अटैक हो जाएगा। इसके अलावा कुछ लोगों में पहले से मौजूद जोखिम भी एक्सरसाइज के दौरान दिख सकते हैं।
ऐसे लक्षण न करें नजरअंदाज
यदि एक्सरसाइज करते हुए सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में दिक्कत, अचानक चक्कर आना, बेहोशी, बहुत ज्यादा कमजोरी या फिर असामान्य धड़कन हो तो इसको सामान्य थकान समझकर इग्नोर न करें। यदि ऐसे लक्षण बार-बार दिखे तो डॉक्टर को जरुरी दिखाएं। इसके अलावा एक्सरसाइज के दौरान बेहोशी को भी सामान्य में न लें।
ज्यादा एक्सरसाइज न करें
कुछ लोग लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं करते हैं और अचानक से भारी वर्कआउट या तेज खेल शुरु कर देते हैं। उनके शरीर को ज्यादा मेहनत की आदत नहीं होती ऐसे में एक्सरसाइज की शुरुआत धीरे-धीरे करें और शरीर को वॉर्म अप का समय जरुर दें। जिम में वजन या फिर वर्कआउट की तीव्रता भी अपने क्षमता से बढ़ाएं। यदि किसी व्यक्ति को पहले से कोई बीमारी है और लंबे समय के बाद आप एक्सरसाइज शुरु कर रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह जरुर लें।